
आयुष मेडिकोज का संचालक गिरफ्तार,आरोपी ने आगरा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी से बड़ी मात्रा में नकली एलेग्रा टैबलेट और कोलोस्ट्राल के उपचार के लिए दी जाने वाली टैबलेट रोजोवाश खरीदी थी।नकली दवाइयां भेजने वाले बंसल परिवार के तीन सदस्य संजय बंसल मुकेश बंसल और सोहित बंसल पहले ही आगरा जेल में
मुजफ्फरनगर। नकली दवाइयों का रैकेट आगरा से खुलकर अब पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें फैलाता दिख रहा है। आगरा स्थित बंसल मेडिकल एजेंसी के जरिए मुजफ्फरनगर में नकली दवाओं की सप्लाई की गई, जिसका खुलासा बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक की अगुवाई में गठित टीम ने किया। इसी कार्रवाई के दौरान गांधी कॉलोनी स्थित आयुष मेडिकोज के संचालक तरुण गिरधर को गिरफ्तार किया गया है। गिरधर पर आरोप है कि उसने लगभग 3.50 करोड़ रुपये की नकली दवाएं खरीदीं और उन्हें बिना बिलिंग के बाजार में उतार दिया।

बस्ती के सहायक औषधी आयुक्त नरेश मोहन दीपक की टीम ने किया खुलासा
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात औषधि विभाग और पुलिस की टीम ने आयुष मेडिकोज पर छापा मारा और तरुण गिरधर को हिरासत में ले लिया। छापेमारी की अगुवाई बस्ती के सहायक आयुक्त औषधि नरेश मोहन दीपक ने सहायक आयुक्त औषधि दीपा लाल (सहारनपुर मंडल) और औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य के साथ की । छापेमारी में आरोपी के लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए गए। शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरधर ने आगरा के बंसल मेडिकल एजेंसी, ताज मेडिकोज और एम एस वी मेडिपॉइंट से बड़ी मात्रा में नकली एंटी एलर्जी टैबलेट एलेग्रा और कोलेस्ट्रॉल की दवा रोजोवाश खरीदी थीं, लेकिन बिक्री के कोई वैध रिकॉर्ड मौजूद नहीं थे। खास बात यह रही कि उसकी दुकान और गोदाम से एक भी दवा बरामद नहीं हुई, जिससे स्पष्ट है कि पूरा स्टॉक पहले ही बाजार में उतार दिया गया था।
गंभीर धाराओं में चार आरोपियों के खिलाफ हुआ मुकदमा दर्ज
इस मामले में तरुण गिरधर, मुकेश बंसल, संजय बंसल और सोहित बंसल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर में दर्ज किया गया है। पुलिस ने तरुण गिरधर को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुकेश बंसल, संजय बंसल और सोहित बंसल को आगरा पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।

ACD नरेश मोहन दीपक की टीम ने किया खुलासा
आगरा में छापामारी होने के बाद मुजफ्फरनगर के औषधि विभाग ने 25 अगस्त को प्रदेश शासन के निर्देश पर मुजफ्फरनगर के सात मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की गई थी, जिनमें आयुष मेडिकोज भी शामिल था। उस समय आगरा से खरीदी के ठोस सबूत नहीं मिले थे। लेकिन रविवार को पहुंची आगरा से आई टीम ने दस्तावेज जुटाए और इन्हीं के आधार पर तरुण गिरधर को गिरफ्तार किया गया।
आगरा में हेमा मेडिकल और बंसल मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी से हुआ था नकली दवाइयां के रैकेट का खुलासा
यह पूरा मामला आगरा के नकली दवा सिंडीकेट से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली गुप्त शिकायत के बाद 22 अगस्त को एसटीएफ और औषधि विभाग ने आगरा की हे मां मेडिको और बंसल मेडिकल एजेंसी पर छापेमारी की थी। वहां भारी मात्रा में नकली दवाओं का कारोबार पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ कि आगरा की पांच, लखनऊ की दो और पुडुचेरी की तीन फर्मों से डेढ़ साल में करीब 200 करोड़ की संदिग्ध दवाएं 12 राज्यों में सप्लाई की गईं। इन्हीं छापों की कड़ी में अब तरुण गिरधर की गिरफ्तारी और बंसल परिवार पर कार्रवाई हुई है, जिससे साफ हो गया है कि आगरा का नकली दवा सिंडीकेट प्रदेश के कई जिलों और कारोबारियों से सीधे जुड़ा हुआ है।
