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फर्जी लाइसेंस प्रकरण:: कांग्रेस नेता हाज़ी जमीलुद्दीन और बिल्डर रिंकेश सहित 18 से होगी पूछताछ, एसटीएफ ने दिए नोटिस

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आगरा

जिले में फर्जी तरीके से हथियारों के लाइसेंस हासिल करने के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है।इसी सिलसिले में एसटीएफ ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए शहर के कई प्रमुख नामों को नोटिस भेजे हैं। इनमें कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष हाजी जमीलुद्दीन, उनके भाई जलालुद्दीन, शहर के बिल्डर रिंकेश अग्रवाल और राजस्थान–एमपी के 15 निशानेबाज खिलाड़ी शामिल हैं। एजेंसी ने इन्हें बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है, जबकि दूसरी ओर कलक्ट्रेट स्थित आयुध कार्यालय से लाइसेंस से जुड़े सभी दस्तावेज भी मांगे गए हैं

इस तरह खुला फर्जीवाड़े का पूरा खेल

24 मई को नाई की मंडी क्षेत्र में एसटीएफ इंस्पेक्टर यतेंद्र शर्मा की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कई लोगों ने जाली पहचान पत्र और गलत सूचनाओं के आधार पर लाइसेंस और कारतूस जारी करा लिए थे। इसके बाद ही धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज हुआ था।

पहले ही नामजद हो चुके ये लोग

एफआईआर में शुरुआत में जिन लोगों को आरोपित बनाया गया था, उनमें शामिल हैं—

  • निशानेबाज मोहम्मद अरशद
  • कारपेट कारोबारी मोहम्मद जैद
  • प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र सारस्वत
  • सेवानिवृत्त विभागीय कर्मचारी संजय कपूर
  • राजेश बघेल
  • शिव कुमार सारस्वत

इसके बाद जांच में अन्य सफेदपोशों के नाम भी सतह पर आए, जिन्हें अब एसटीएफ पूछताछ के दायरे में ला रही है।

राजस्थान–एमपी के 15 खिलाड़ियों के लाइसेंस संदिग्ध

जांच में यह भी पता चला है कि दोनों राज्यों के करीब 15 निशानेबाज खिलाड़ियों को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से लाइसेंस और कारतूस जारी किए गए। इन खिलाड़ियों की सूची आयुध कार्यालय को भेज दी गई है और रिकॉर्ड, सत्यापन प्रक्रिया और जारी करने की तारीख से संबंधित सभी जानकारियां मांगी गई हैं।

नेता और बिल्डर को क्या कहा गया?

इंस्पेक्टर यतेंद्र शर्मा ने बताया कि

  • हाजी जमीलुद्दीन,
  • जलालुद्दीन,
  • रिंकेश अग्रवाल

को नोटिस जारी कर दिया गया है। हाज़ी जमीलउद्दीन का कहना है कि “अभी नोटिस नहीं मिला है,नोटिस मिला तो जांच में सहयोग करेंगे।”

जिले में इतने लोग रखते हैं हथियार

आयुध विभाग के अनुसार—

  • कुल लाइसेंसी: 52,000
  • शहर में: 22,000
  • ग्रामीण क्षेत्रों में: 28,000
  • पिस्टल/रिवॉल्वर लाइसेंस: लगभग 10,000

बीते एक वर्ष में प्राप्त सभी शिकायतों की जिले ने जांच कराई है।

फर्जी यूनिक ID घोटाला भी जांच के घेरे में

एसटीएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि कुछ शस्त्र लाइसेंसों पर जारी यूनिक आईडी नंबर असली हैं या कूटरचित। इसी आरोप में तीन महीने पहले आयुध कर्मचारी प्रशांत कुमार को निलंबित किया गया था। जबकि नाई की मंडी के संविदा कर्मचारी पंकज कुमार पर एफआईआर दर्ज है।

आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव

जांच टीम पुराने रिकॉर्ड, सत्यापन दस्तावेज और लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच आगे बढ़ते ही कुछ और प्रभावशाली नाम भी सामने आने की संभावना है

 

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