आगरा

आगरा में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा पर संकट: 50 साल पुराने महाकवि सूरदास विद्यालय पर ताला, 70 छात्र प्रभावित

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आगरा। आगरा के सूरकुटी क्षेत्र में स्थित महाकवि सूरदास दिव्यांग विद्यालय को 12 दिसंबर से बंद कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी के आदेश पर विद्यालय में ताला लगने से कक्षा एक से पांच तक के 70 से अधिक दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई बीच सत्र में ठप हो गई है। शिक्षा विभाग के इस फैसले ने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मान्यता के नाम पर कार्रवाई, बच्चों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार क्षेत्र में यह विद्यालय वर्ष 1976 से दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क आवासीय शिक्षा केंद्र के रूप में संचालित है। विद्यालय के प्रबंधन को लेकर दो समितियों के बीच विवाद चल रहा है। इसी विवाद और मान्यता का हवाला देते हुए शिक्षा विभाग ने सीधे विद्यालय को बंद कर दिया, लेकिन किसी वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई।

कलेक्ट्रेट में दिव्यांग बच्चों का मौन प्रदर्शन

विद्यालय बंद होने से नाराज दिव्यांग बच्चों ने मंगलवार को आगरा कलेक्ट्रेट पहुंचकर मौन प्रदर्शन और धरना दिया। बच्चों का कहना है कि योगी सरकार में भी अधिकारी दिव्यांग बच्चों की पीड़ा को नजरअंदाज कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल समाजसेवी सपना गुप्ता ने कहा कि शहर में कई विद्यालय बिना मान्यता संचालित हो रहे हैं, लेकिन कार्रवाई केवल दिव्यांग बच्चों के विद्यालय पर होना पक्षपातपूर्ण है।

मौके पर मौजूद आगरा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के महामंत्री अधिवक्ता लोकेन्द्र शर्मा ने भी दिव्यांग बच्चों की इस मुहिम का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के हक की इस लड़ाई में वह पूरी मजबूती से साथ खड़े हैं और जल्द ही अपने अन्य अधिवक्ता साथियों को भी इस मुहिम से जोड़ेंगे, ताकि दिव्यांग बच्चों को न्याय मिल सके।

बीच सत्र में स्कूल बंद करना भविष्य से खिलवाड़

विद्यालय के शिक्षक गया प्रसाद ने बताया कि बीच सत्र में विद्यालय बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्थिति और भविष्य तीनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विद्यालय दशकों से संचालित है, तो अचानक बच्चों को सड़क पर क्यों ला दिया गया।

प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट, समाधान अब भी अधर में

धरना स्थल पर पहुंचे एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने दिव्यांग बच्चों से ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि बीएसए और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है और दिव्यांग बच्चों के हित में सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, तब तक बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप बनी हुई है।

 

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