रसना फ्रेंचाइजी के नाम पर 10 लाख से अधिक की ठगी:
आगरा (कमिश्नरेट नगर): सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक बड़ा फ्रेंचाइजी ठगी कांड सामने आया है, जिसमें निवासी पीड़ित रामसिंह ने रसना ग्रुप की फर्जी फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ₹10,36,000 की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुई ठगी की शुरुआत
पीड़ित के अनुसार यह ठगी 21 जून 2020 से शुरू हुई, जब उन्होंने फेसबुक पर रसना फ्रेंचाइजी के विज्ञापन पर एक ऑनलाइन फॉर्म भरा। कुछ दिनों बाद उमंग गुप्ता, उसकी पत्नी नेहा गुप्ता, आयुष अग्रवाल और श्रीकान्त वर्मा आगरा पहुंचे और खुद को रसना कंपनी का मालिक बताकर आगरा में फ्रेंचाइजी देने का दावा किया। भरोसा दिलाने के लिए उन्हें कुमार सागर (डेली नीड्स, सदर बाजार) से भी मिलवाया गया, जिसने खुद को उमंग का जीजा बताते हुए उन्हें विश्वास करने की सलाह दी।
आरोपियों ने ऐसे हड़पे 10 लाख से अधिक रुपये
रामसिंह ने बताया कि बातों में फंसाकर आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराने को कहा।
- 05 अगस्त 2020 को उन्होंने ₹2,36,000 एक बताए गए बैंक खाते में जमा किए।
- 05 अक्टूबर 2020 को दिल्ली बुलाकर उनसे एक अन्य कंपनी के खाते में ₹1,00,000 जमा करवाया गया।
- इसी दिन कथित वाइस प्रेसीडेंट राहुल शर्मा और डायरेक्टर सोनिया चौधरी ने उन्हें जीएसटी से बचने के नाम पर ₹7,00,000 नकद देने को कहा, जो उन्होंने चेक से निकालकर दे दिए।
लेकिन इतने पैसे देने के बाद भी न तो कोई फ्रेंचाइजी मिली और न ही कोई वैध दस्तावेज। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने फर्जी एग्रीमेंट बनाकर उन्हें गुमराह किया और रुपये वापस मांगने पर धमकी तक दी।
पुलिस जांच जारी
रामसिंह की तहरीर पर सिकंदरा थाने में एफआईआर दर्ज हो गई है और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं।
नामजद आरोपी
- उमंग गुप्ता
- नेहा गुप्ता
- आयुष अग्रवाल
- श्रीकान्त वर्मा
- राहुल शर्मा (वाइस प्रेसीडेंट, रसना ग्रुप)
- सोनिया चौधरी (डायरेक्टर, रसना ग्रुप)
