डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी:: दयालबाग के बुजुर्ग दंपति से 59 लाख रुपये हड़पे
आगरा। दयालबाग निवासी एक बुजुर्ग दंपति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगों ने 59 लाख रुपये का चूना लगा दिया। एक युवक और युवती ने खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर दंपति को झांसे में लिया। मामला साइबर क्राइम पुलिस थाना, आगरा में दर्ज किया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, हालांकि फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है।
मुंबई पुलिस और सीबीआई बनकर किया कॉल
पीड़ित अशोक कुमार, जो डेयरी संचालक हैं, और उनकी पत्नी माधुरी कपूर को 13 अक्तूबर को एक फोन कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस से बताया और कहा कि उनके नंबर के खिलाफ 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं तथा उन्होंने सात करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन किया है।
इसके बाद एक युवती का कॉल आया, जिसने खुद को सीबीआई इंवेस्टिगेशन विंग की अधिकारी बताया। युवती ने दंपति को धमकाते हुए कहा कि उन पर गंभीर आरोप हैं, और यदि जांच में सहयोग नहीं किया तो जेल भेज दिया जाएगा।
डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर डराया
ठगों ने दंपति को डिजिटल अरेस्ट’ में लेने का झांसा दिया। उनसे कहा गया कि जांच पूरी होने तक घर से बाहर न निकलें, किसी से बात न करें, और किसी को जांच की जानकारी न दें।
युवती ने यह भी कहा कि सीबीआई किसी का दबाव नहीं मानती और जांच पूरी होने के बाद यदि निर्दोष पाए गए तो छोड़ दिया जाएगा। डर के कारण दंपति ठगों के निर्देशों का पालन करने लगे।
आरबीआई से लिंक खातों में पैसे जमा करने का बहाना
ठगों ने दंपति से कहा कि उनके बैंक खातों में मौजूद रकम को आरबीआई से लिंक विशेष खातों में ट्रांसफर करें, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। जांच पूरी होने पर पैसा वापस करने का आश्वासन दिया गया।
डरे-सहमे दंपति ने पहले 25 लाख रुपये, और फिर 34 लाख रुपये दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
हिम्मत जुटाकर पुलिस से की शिकायत
रकम भेजने के बाद भी ठग उन्हें लगातार धमकाते रहे और बाकी रकम जमा करने का दबाव बनाते रहे। आखिरकार, दंपति ने हिम्मत दिखाई और ठगों की वीडियो कॉल काट दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
मामले की प्रारंभिक जांच साइबर सेल द्वारा की गई, जिसके बाद साइबर क्राइम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब ठगों की पहचान और खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल्स खंगाल रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं डिजिटल अरेस्ट के मामले
आगरा में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी को डिजिटल अरेस्टके नाम पर ठगा गया हो। इससे पहले भी कई वरिष्ठ नागरिक और व्यापारी इस तरह के ऑनलाइन गिरोहों के शिकार बन चुके हैं।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कॉल या वीडियो चैट पर भरोसा न करें, और किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले संबंधित थाने या साइबर हेल्पलाइन (1930) पर तत्काल संपर्क करें।
