अपराध

म्यूल अकाउंट्स का नेटवर्क उजागर:: आगरा पुलिस ने पकड़ा साइबर फ्रॉड का इंटरनेशनल मॉड्यूल

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  •  होटल में म्यूल अकाउंट्स लेकर साइबर ठगी की साज़िश बेनकाब
  • 8 गिरफ्तार
  • साइबर सेल को मिला इनपुट
  • 42 ATM कार्ड, 11 चेकबुक और महत्वपूर्ण डेटा बरामद

आगरा। साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए आगरा पुलिस ने शहर के एक होटल में चल रही बड़ी साइबर फ्रॉड साज़िश का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल, साइबर सर्विलांस और काउंटर इंटेलिजेंस टीम को मिले इनपुट के आधार पर संयुक्त कार्रवाई में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो आरोपी पहले से ही साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वांछित बताए गए हैं।

विदेशी साइबर गैंग से था सीधा कनेक्शन

एडिशनल डीसीपी आदित्य कुमार के अनुसार गिरफ्तार युवकों में 2–3 लोग विदेश में बैठे साइबर ठगों से सीधे संपर्क में थे। ये स्थानीय स्तर पर भोले-भाले लोगों के म्यूल (Mule) अकाउंट खुलवाकर उनकी पूरी बैंकिंग जानकारी विदेशी साइबर अपराधियों तक भेजते थे।
इन्हीं खातों के माध्यम से ठगी की मोटी रकम को घुमाया जाता था।

42 ATM कार्ड और 11 चेकबुक बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को

  • 42 एटीएम कार्ड
  • 11 चेकबुक
  • बैंक अकाउंट डिटेल्स
  • और डिजिटल एविडेंस
    बरामद हुआ है।

हर ट्रांजैक्शन पर 2% कमीशन

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विदेशी ठगों द्वारा किए गए ट्रांजैक्शन पर उन्हें 2% कमीशन मिलता था।
इसके अलावा जिन लोगों के नाम पर अकाउंट खोले जाते थे, उन्हें कुछ हज़ार रुपये देकर उनकी बैंकिंग जानकारी हासिल कर ली जाती थी।

सॉफ्टवेयर और मशीन से होता था ऑटो-ट्रांजैक्शन

जांच में एक महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ कि विदेश में बैठे साइबर ठग एक तरह की विशेष मशीन और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं।
एडिशनल डीसीपी आदित्य कुमार के अनुसार,

“कार्ड डिटेल डालते ही ऑटोमैटिक ट्रांजैक्शन शुरू हो जाता था। रकम कई खातों में घुमाई जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टोकरंसी में कन्वर्ट कर विदेश भेज दिया जाता था।”

इन मशीनों की सप्लाई और ऑपरेशन की जानकारी जुटाने में पुलिस टीमें जुटी हैं।

कंबोडिया मॉड्यूल से क्या जुड़ा है कनेक्शन?

पिछले महीनों में उजागर हुए कंबोडिया साइबर स्लेवरी मॉड्यूल से कनेक्शन पर आदित्य कुमार ने कहा कि

“साइबर अपराध कई लेयर में काम करता है—विदेशी मास्टरमाइंड, भारत के हैंडलर और अकाउंट उपलब्ध कराने वाले। पिछले केस में विदेशी ऑपरेटर्स पकड़े गए थे, इस बार हैंडलर्स और अकाउंट कराने वाले गिरफ्तार किए गए हैं।”

एनसीआरपी शिकायतों से जुड़े खाते भी मिले

अब तक की जांच में जिन खातों की डिटेल मिली है, उनमें कई एनसीआरपी (राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल) पर दर्ज शिकायतों से मेल खा रही हैं। पुलिस आगे और खातों व लेनदेन की गहन जांच कर रही है।

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