100 करोड़ के कोडीन सिरप तस्करी रैकेट का खुलासा: STF ने अमित सिंह उर्फ टाटा को पकड़ा,: आगरा के सीरप माफिया भी जांच के घेरे में
लखनऊ: प्रतिबंधित 100 करोड़ रुपये के कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी STF ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने सिंडिकेट के अहम सदस्य अमित सिंह उर्फ टाटा को हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों का खुलासा किया जा सके।
किंगपिन शुभम जायसवाल का करीबी पार्टनर
जांच में सामने आया है कि अमित सिंह टाटा, प्रतिबंधित कोडीन सिरप तस्करी के किंगपिन शुभम जायसवाल का नजदीकी सहयोगी और पार्टनर है। दोनों मिलकर बड़े पैमाने पर कोडीन कफ सिरप की तस्करी का नेटवर्क चलाते थे।
झारखंड की फर्जी मेडिसिन फर्म से होती थी सप्लाई
STF सूत्रों के अनुसार, अमित सिंह टाटा झारखंड में पंजीकृत एक फर्जी मेडिसिन फर्म के नाम का उपयोग करता था। इसी फर्म के दस्तावेजों को “मुख्य कवर” बनाकर वह भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई करता था।
यह फर्म तस्करी सिंडिकेट की सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बताई जा रही है।
धंधा नेपाल और बांग्लादेश तक फैला
आरोप है कि अमित ने अवैध सिरप की सप्लाई को सीमावर्ती देशों नेपाल और बांग्लादेश तक फैलाया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी बढ़ने को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।
पहले से दर्ज मुकदमे, पिता भी जांच के दायरे में
अमित सिंह के खिलाफ वाराणसी की कोतवाली में पहले से ही केस दर्ज है।
इसके अलावा, उसके पिता अशोक सिंह और उनकी मेडिसिन फर्म के खिलाफ भी FIR हो चुकी है।
अब STF यह जांच कर रही है कि—
- पूरे सिंडिकेट में परिवार की क्या भूमिका थी?
- वित्तीय लेनदेन कौन देखता था?
- देवेन्द्र आहूजा उर्फ़ चिंटू , सौरभ त्यागी, निलेश गुप्ता, विशाल राणा, विभोर राणा, बाला मिलिंद यादव और लल्ली पाठक, तिलकधारी आगरा जैसे ड्रग माफियाओं से क्या सम्बन्ध थे
- कितने नाम और सामने आ सकते हैं?
STF का कहना है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे और नई गिरफ्तारियां संभव हैं।
