मंडल अध्यक्ष का गंभीर आरोप जिलाध्यक्ष से खतरा, फेसबुक पर लिखा: “मेरी मौत के जिम्मेदार पोनिया होंगे”, फिर हटाई पोस्ट
आगरा भाजपा संगठन में अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। अछनेरा देहात के मंडल अध्यक्ष कौशल प्रताप सिंह ने फेसबुक पर ऐसा पोस्ट कर दिया जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। पोस्ट में उन्होंने सीधे जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि यदि उन्हें कुछ होता है, तो उसके जिम्मेदार जिलाध्यक्ष होंगे। पोस्ट वायरल होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज हो गई। बाद में उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर फैल चुके थे।

पोस्ट के बहाने संगठन की राजनीति सतह पर
कौशल प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष उन्हें लगातार दबाव में रखने की कोशिश कर रहे हैं और संगठन में उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने लिखा कि जिलाध्यक्ष की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान हैं और उनके खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई का डर बनाया जा रहा है।
राजनीति जानकारों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी का संकेत है।

जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया साजिश
जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनिया ने इन आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी पदाधिकारी को शिकायत है तो उसे पार्टी मंच पर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पोस्ट पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला कदम है और इसे एक “राजनीतिक स्टंट” की तरह देखा जा रहा है।

दो गुट आमने–सामने, बयानबाज़ी तेज
पोस्ट के बाद कार्यकर्ताओं में दो खेमे बन गए—
- एक पक्ष मंडल अध्यक्ष का समर्थन कर रहा है, यह कहते हुए कि जिलाध्यक्ष का रवैया लंबे समय से सवालों के घेरे में है।
- दूसरा पक्ष जिलाध्यक्ष के साथ, जो इसे पार्टी-विरोधी गतिविधि और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा बता रहा है।
संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरे विवाद की रिपोर्ट दिल्ली व लखनऊ तक भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही शीर्ष नेतृत्व हस्तक्षेप कर सकता है।
राजनीतिक नुकसान का अंदेशा
चुनाव नजदीक होने के चलते इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप पार्टी के लिए नुकसानदायक माने जा रहे हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि ऐसी स्थिति जारी रही तो इसका सीधा असर बूथ स्तर पर पार्टी की ताकत पर पड़ेगा।
