जिंदा जलने की घटना पर परिवारिजनों के दिल में बड़ा सवाल: कार से क्यों नहीं निकल पाए वीरेंद्र?
आगरा के बोदला-बिचपुरी मार्ग पर हुई दर्दनाक घटना में बीमा एजेंट वीरेंद्र ठकवानी की कार में जिंदा जलकर मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इसे हादसा मान रही है, लेकिन परिजन इसे महज दुर्घटना मानने को तैयार नहीं हैं। हालांकि परिजनों ने इस बारे में अभी तक कोई आशंका जाहिर नहीं की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद वीरेंद्र लगातार हॉर्न बजाते रहे, लेकिन कार का सेंट्रल लॉक सिस्टम फेल हो गया, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। आग इतनी तेज थी कि मौके पर कोई मदद नहीं कर पाया।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार,सुभाष नगर, कमला नगर निवासी वीरेंद्र ने कुछ लोगों को बड़ी रकम उधार दी थी, जो वापस नहीं मिल रही थी। इसी कारण वे पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे। अब परिजनों का कहना है कि इस पहलू की भी गहराई से जांच होनी चाहिए।
घटना के बाद कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई, टायर फट गए और शीशे चकनाचूर हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों का कहना है कि यदि यह तकनीकी खराबी है, तो ऐसी कारों की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि अगर परिवार की ओर से कोई शिकायत मिलती है तो हर एंगल से जांच की जाएगी।
पारिवारिक जनों के मन में एक सवाल यह है — क्या यह सिर्फ हादसा था, या इसके पीछे कोई साजिश है
