आगरा: छात्रवृत्ति घोटाले में कार्रवाई न होने पर उठे सवाल,: अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में सामने आए छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में एक साल बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2015-16 में हिंदू छात्रों को अल्पसंख्यक दिखाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाए गए और छात्रवृत्ति की रकम हड़प ली गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता हेमलता कुशवाह एडवोकेट ने बताया कि आरोपियों ने छात्रों और उनके परिजनों को छात्रवृत्ति दिलाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल किए और उनमें हेरफेर कर फर्जी खाते खोलकर सरकारी धन निकाल लिया। एफआईआर में कई नामजद आरोपी हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।
अधिवक्ता ऋषिराज चौहान का कहना है कि एक साल बाद भी पुलिस द्वारा कोई सख्त कदम न उठाया जाना संदेह पैदा करता है। उनका आरोप है कि इस देरी से आरोपी और पुलिस के बीच मिलीभगत की आशंका उजागर होती है।
ऋषिराज चौहान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
इस दौरान महाराणा प्रताप बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऋषिराज चौहान, देवेंद्र यादव, प्रतुल शर्मा, अक्षय सिंह, रूपकिशोर सहगल, शिवा चौहान, सुधांशु गुप्ता सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है, हालांकि अब तक की धीमी प्रगति पर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
