आगरा: मोती कटरा में गोदाम पर ड्रग-एसटीएफ संयुक्त छापेमारी, दो करोड़ से ज्यादा की दवाइयां सील
आगरा । ड्रग यूनिट और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के तहत मोती कटरा के एक गोदाम पर छापेमारी की गई। इसमें भारी मात्रा में जेनेरिक व एलोपैथिक दवाइयों का जखीरा मिला । गोदाम सील कर आगे जाँच शुरू कर दी गई है। इस गोदाम के ऊपरी तल पर भी 18 कार्टून एलोपैथिक दवाइयां का जखीरा मिला।लेकिन ऊपरी तल का गोदाम अवैध पाया गया । इसको लेकर भी विभाग कार्यवाही करने की बात कहता हुआ नजर आया ।

दरअसल मंगलवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट की अगवाई में ड्रग की विभाग की टीम और एसटीएफ के सदस्य मोती कटरा स्थित एक गोदाम पर पहुंचे।गोदाम के मालिक की गैर मौजूदगी में टीम ने ताले तोड़कर गोदाम खोला। प्रारंभिक तलाशी में यहां जेनेरिक और एलोपैथिक दोनों तरह की दवाओं का बड़ा स्टॉक बरामद हुआ है । विभिन्न कंपनियो के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहकर दवाइयां चेक करते हुए दिखाई दिए ।गोदाम को श्री राधे मेडिकल एजेंसी के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया।बताया जा रहा है यह गोदाम हिमांशु अग्रवाल के भाई दीपक सिंघल का है ।
बरामदगी और सील
- गोदाम में पाए गए माल का आकलन लगभग 2 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है।
- छापेमारी और पिछले सीजर ऑपरेशनों सहित अभी तक कुल मिलाकर लगभग 6.5 करोड़ रुपये के समकक्ष दवाइयां सीज की जा चुकी हैं।
- गोदाम को क्षमता से अधिक दवाइयां रखने और संदिग्ध स्टॉक पाए जाने के कारण सील कर दिया गया है।

जांच की दिशा और अगले कदम
एसटीएफ व ड्रग यूनिट अब गोदाम के कागजात, रजिस्ट्रेशन, सप्लायर रेकॉर्ड और बिलिंग डेटाबेस की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बरामद दवाइयों में कोई फेक/नकली ब्रांड तो शामिल नहीं है और क्या इनका मार्केटिंग चैनल अवैध था। जरूरत पड़ी तो और भी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ
स्थानीय व्यापारियों व नागरिकों में इस छापेमारी को लेकर शंका और चिंता दोनों हैं। कुछ का कहना है कि अगर नकली या अनधिकृत दवाइयां बाजार में पहुंच रही थीं तो यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी।
