मतांतरण गैंग के तार आतंकियों से!: रांची सेंट्रल जेल से अयान जावेद को बी-वारंट पर आगरा लाया
आगरा। सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों के मतांतरण मामले की जांच में नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मामले में आतंकी संगठनों से जुड़े संदिग्ध अयान जावेद को पूछताछ के लिए झारखंड की रांची सेंट्रल जेल से बी-वारंट पर आगरा लाया गया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए एक दिन की कस्टडी रिमांड पर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मतांतरण गिरोह के मुख्य आरोपी दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान, गोवा निवासी आयशा और शाहगंज निवासी रहमान कुरैशी समेत कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों में अयान जावेद का नाम भी सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए बी-वारंट हासिल किया।
बताया गया है कि अयान जावेद को झारखंड एटीएस ने अप्रैल 2025 में धनबाद से गिरफ्तार किया था। उसके साथ उसकी पत्नी शबनम, गुलफाम हसन और शहजाद आलम को भी पकड़ा गया था। चारों फिलहाल रांची सेंट्रल जेल में बंद हैं। जांच में सामने आया कि अयान जावेद प्रतिबंधित संगठनों हिज्ब-उल-तहरीर और अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट से जुड़ा हुआ था और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय बताया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि देहरादून की एक युवती उसके संपर्क में थी और दोनों के बीच 200 से अधिक बार बातचीत हुई थी। इसी कड़ी को जोड़ते हुए आगरा पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए आगरा बुलाया है।
डीसीपी सिटी आदित्य के अनुसार आरोपी से पूछताछ में मतांतरण गिरोह के नेटवर्क, उसके संपर्कों और फंडिंग से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच की जा रही है।
कोलकाता से बरामद हुई थीं सगी बहनें
सदर क्षेत्र की रहने वाली दो सगी बहनों को पुलिस ने जून 2025 में कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत छह राज्यों में दबिश दी थी।
जांच में सामने आया कि मतांतरण गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और बड़ी संख्या में लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनका मतांतरण कराया जाता था। पुलिस को इस नेटवर्क के विदेशों से जुड़े होने और फंडिंग मिलने के भी संकेत मिले हैं। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
