72 वर्षीय बुजुर्ग से बिल्डर हरिओम दीक्षित ने की धोखाधड़ी,: फ्लैट पर निकला बैंक लोन, थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज
आगरा। शहर के सिकंदरा क्षेत्र में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग के साथ बिल्डर द्वारा बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित अरुण प्रकाश सक्सेना ने आरोप लगाया है कि बिल्डर ने फ्लैट को पूरी तरह “पाक-सा” बताकर बेचा, जबकि उस पर पहले से बैंक का लोन और बकाया मौजूद था।
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2011-12 में M/S Gayatri Developwell Pvt. Ltd. के माध्यम से फ्लैट बुक कराया था। वर्ष 2016 में रजिस्ट्री हुई और 2017 में उन्हें कब्जा दे दिया गया। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी इस फ्लैट में लगा दी।
8 साल बाद आया कब्जा नोटिस
19 अप्रैल 2025 को Edelweiss Asset Reconstruction Company Ltd. की ओर से पीड़ित को Possession Notice भेजा गया। इससे यह खुलासा हुआ कि बिल्डर ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर त्रिपक्षीय समझौते के तहत लोन ले रखा था।
जबकि विक्रय विलेख में साफ लिखा था कि फ्लैट पर किसी प्रकार का लोन या बकाया नहीं है।
थाना सिकंदरा में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने थाना सिकंदरा में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर बिल्डर और संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बुजुर्ग बोले- अब कहां जाऊं
पीड़ित का कहना है कि इस उम्र में सिर से छत छिनने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि यह फ्लैट उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए खरीदा था, लेकिन अब मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
पीड़ित ने आरोप लगाया कि संबंधित बिल्डर पहले भी कई फ्लैट खरीदारों के साथ इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। इस संबंध में कई शिकायतें थानों और सरकारी कार्यालयों में पहले से लंबित हैं।
प्रशासन से न्याय की मांग
पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और फाइनेंस कंपनी द्वारा जारी कब्जा नोटिस को निरस्त कराया जाए।
