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दीवानी कचहरी में अधिवक्ताओं का आक्रोश,: बाहरी लोगों की दखल पर बार एसोसिएशनों की कड़ी निंदा

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आगरा। दीवानी कचहरी परिसर में पिछले तीन दिनों से लगातार अधिवक्ताओं के साथ हो रही मारपीट, दबंगई और बाहरी लोगों की दखल पर शुक्रवार को बार एसोसिएशनों ने तीखी नाराज़गी जताई।

जिला जज के आह्वान पर आगरा बार एसोसिएशन सहित सभी बारों के अध्यक्ष व सचिव बैठक में मौजूद रहे, जिसमें आपसी सुलह का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन अधिवक्ताओं ने बाहरी तत्वों द्वारा किए गए हमलों को लेकर कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया।

बार सचिव विनोद कुमार शुक्ला का बयान

आगरा बार एसोसिएशन के सचिव विनोद कुमार शुक्ला एडवोकेट ने कहा कि जिला जज महोदय की बैठक में सभी अध्यक्ष–सचिवों को बुलाया गया था।

उन्होंने बताया—

“जज साहब ने कहा कि अधिवक्ता समाज एक परिवार है, आपस में सुलह कर लें। सभी लोग इसके लिए तैयार भी हो गए। लेकिन बाहरी तत्वों द्वारा अधिवक्ताओं पर हमला निंदनीय है। बार एसोसिएशन इसकी कड़ी निंदा करता है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।”

बार अध्यक्ष सुभाष परमार ने कहा—‘दोनों पक्ष सुलह को तैयार’

आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष परमार ने कहा—

“जिला जज के आह्वान पर सभी बारों के वरिष्ठ पदाधिकारी एकत्र हुए। जज साहब ने कहा कि आप सब लोग भाई हैं, झगड़ा समाप्त करें। जिला जज साहब के जाने के बाद दोनों पक्षों ने सहर्ष सुलह के लिए सहमति दे दी।”

विकास पचौरी का आरोप—‘लाठी-डंडे और हथियारों के साथ हमला’

विकास पचौरी ने कहा कि उनका फैमिली मैटर कोर्ट में चल रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया—

“17, 18 और 19 तारीख को मेरे साथ मारपीट की गई। 20 तारीख को पवन समाधिया और उनके साथ आए लोगों ने पारस सर के साथ मिलकर हमारे चेंबर पर चढ़ाई कर दी। हथियार, लोहे के डंडे और सलिए लेकर आए थे। पुलिस को तहरीर देने के बावजूद मेरी सुनवाई नहीं हुई।”

सोशल मीडिया पर धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा में चूक हुई है।

वकील ऋषिराज चौहान ने घटनाक्रम को बताया ‘लगातार हमला’

अधिवक्ता ऋषिराज चौहान ने कहा—

“विकास पचौरी का पारिवारिक मामला चल रहा है। पहले दिन कोर्ट में ही मारपीट हुई। 19 तारीख को एक जूनियर अमित के साथ भी अभद्रता की गई। 20 तारीख को सुलह की बात थी, लेकिन उसी दिन 20–25 लोग लाठी-डंडों और हथियारों के साथ आए। इसमें पवन समाधिया, बंटी शर्मा और अन्य लोग बताए गए।”

उन्होंने दावा किया—

“हमारे सीनियर ब्रजेश कुमार सिंह के चेंबर पर हमला हुआ, एससी/एसटी समुदाय के एक वकील तथा एक महिला वकील के साथ अभद्रता की गई। तहरीर देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। न्यू आगरा थाना प्रभारी मौके पर मौजूद थे।”

ऋषिराज चौहान ने कहा कि मामले को जातिगत रंग देना गलत है और अधिवक्ता समाज एकजुट है

उन्होंने मांग की कि हमले के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।

बार एसोसिएशनों की मांग

  • बाहरी लोगों की कचहरी में एंट्री पर सख्त नियंत्रण
  • अधिवक्ताओं पर हुए हमलों की निष्पक्ष जांच
  • दर्ज मुकदमों में उचित कार्रवाई
  • दोषियों की गिरफ्तारी
  • कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए

बार प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता समुदाय आंदोलन कर सकता है


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