भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:: पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की बड़ी कार्रवाई, 3 पुलिसकर्मी निलंबित, 9 पर जांच शुरू
आगरा।भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार की शिकायतों के आधार पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नौ अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी भ्रष्टाचार हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद की गई है।
कमिश्नर दीपक कुमार ने 30 सितंबर 2025 को एक हेल्पलाइन नंबर 7839860813 जारी किया था, ताकि नागरिक सीधे भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकें। 6 अक्टूबर से अब तक मिली शिकायतों की जांच में कई गंभीर मामले सामने आए।
निलंबित पुलिसकर्मी
- आरक्षी कौशल (कार्यालय – एसीपी कोतवाली): नोटिस की जांच में पैसों की मांग का आरोप।
- आरक्षी विश्वनाथ (कार्यालय – एसीपी कोतवाली): पैसों की मांग का आरोप।
- आरक्षी प्रतीक कुमार (थाना – लोहामंडी): गैंगस्टर एक्ट के नाम पर रुपये मांगने का आरोप।
9 पुलिसकर्मी जिन पर जांच शुरू
- उ.नि. धर्मवीर (थाना किरावली): आरोपी से रुपयों की मांग का आरोप।
- उ.नि. अंकित चौहान (थाना एत्मादपुर): विवेचना में रुपयों की मांग।
- म.उ.नि. दीपिका (थाना एत्मादपुर): विवेचना में पैसों की मांग।
- उ.नि. कपिल कुमार, आरक्षी गुरु चंदेल, आरक्षी देवेश कुमार (चौकी छलेसर, थाना एत्मादपुर): रुपये लेकर जुआरियों को छोड़ने का आरोप।
- आरक्षी सतेंद्र चौधरी, आरक्षी अरविंद कुमार (एसीपी अछनेरा/एत्मादपुर कोर्ट): जमानत देने में पैसों की मांग का आरोप।
- आरक्षी अभिषेक (थाना सिकंदरा): पासपोर्ट सत्यापन के एवज में रुपये मांगने का आरोप।
पुलिस कमिश्नर का बयान
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे हेल्पलाइन नंबर पर केवल आगरा कमिश्नरेट से जुड़े पुलिस कर्मियों की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें दर्ज कराएं।
दीपक कुमार ने बताया, “हेल्पलाइन पर रोजाना करीब 100 कॉल आ रही हैं। इनमें कई शिकायतें अन्य विषयों से जुड़ी होती हैं। इसलिए लोग केवल भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें करें और उपलब्ध साक्ष्य जैसे कॉल रिकॉर्डिंग, वीडियो या स्क्रीनशॉट जरूर भेजें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
