अपराध

कारोबारी से 1 करोड़ से अधिक की ठगी,: थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज

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आगरा, ।बढ़ते निवेश और बिजनेस के लालच में लोग बहुत जल्दी भरोसा कर बैठते हैं, और धोखेबाज़ उसी भरोसे को हथियार बनाकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ एक कारोबारी से करोड़ों रुपये की ठगी कर आरोपियों ने न सिर्फ पैसे हड़प लिए, बल्कि शिकायत करने पर जानलेवा धमकियाँ भी दीं। मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है।

पीडित आदित्य राज शर्मा, निवासी कमला नगर, ने पुलिस को बताया कि उनका परिचित दुर्गेश अगस्त 2025 में उनसे मिला और इलेक्ट्रॉनिक कारोबार में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। दुर्गेश ने खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताते हुए कुछ समय तक अपनी बातों से विश्वास जमाया और फिर अपने एक साथी सोनू से मिलवाया, जो जयपुर निवासी है और खुद को इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का जानकार बताता था। दोनों ने मिलकर भरोसा दिलाया कि यदि वह कुछ धनराशि निवेश करें तो कम समय में दोगुना-तिगुना लाभ मिल सकता है।

लाभ के प्रलोभन में आकर आदित्य ने अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से एक बड़ी रकम भेजी। एफआईआर में दर्ज जानकारी के अनुसार दुर्गेश और सोनू के कहने पर पीड़ित ने 19 लाख 50 हजार रुपये एक बैंक खाते में तथा लगभग 60 लाख रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किए, जबकि कैश के रूप में भी कई किस्तों में रुपए दिए गए। इस तरह कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि आरोपियों को दे दी गई, जिसका कोई भी रिटर्न उन्हें नहीं मिला।

मामले के मुताबिक शुरूआत में आरोपियों ने कुछ पैसा मुनाफे के रूप में लौटाया, ताकि भरोसा और गहरा हो जाए। लेकिन जैसे ही रकम बढ़ती गई, उन्होंने भुगतान करना बंद कर दिया। जब आदित्य ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उनसे और रकम अभियानों में लगाने की बात कही। मना करने पर उन्हें धमकी दी गई कि अगर पैसे वापस मांगे तो जान से हाथ धोना पड़ सकता है। पीड़ित के अनुसार, दोनों आरोपियों ने उसके परिवार को भी नुकसान पहुँचाने की धमकी दी और कहा कि वह कुछ नहीं कर पाएगा।

पीडित यह भी बताया कि दोनों युवकों ने अपने व्यवसाय से संबंधित कई कागज़ात दिखाए, जो बाद में फ़र्जी व कूटरचित पाए गए। उनके अनुसार यह सब एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिससे कई लोगों को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है। जब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है तो उसने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उसने न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया और न्यायालय के आदेश पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया।

 

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