आगरा कॉलेज व मेट्रो कॉरिडोर पेड़ कटाई मामला:: सीईसी ने आगरा कॉलेज प्रिंसिपल सहित कई विभागों के अधिकारियों को तलब किया
आगरा । सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने आगरा में अवैध पेड़ कटाई के मामलों को लेकर सख्ती दिखाते हुए 12 दिसंबर 2025 को अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 4 बजे नई दिल्ली के चाणक्य भवन में आयोजित होगी। बैठक में आगरा कॉलेज परिसर के भीतर बिना अनुमति पेड़ों की कटाई और शहर में हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामलों पर सुनवाई होगी।
इन मामलों को रिट पिटीशन (C) 13381/2025 के तहत संज्ञान में लिया गया है।
समिति ने अधिकारियों को किया तलब
सीईसी ने संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इनमें शामिल हैं—
- उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण (ADA)
- डिविजनल फ़ॉरेस्ट ऑफिसर (DFO), आगरा
- प्रोजेक्ट डायरेक्टर, यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन
- प्रिंसिपल, आगरा कॉलेज
- वादी- डॉ शरद गुप्ता एवं अपूर्व शर्मा
समिति इनसे पेड़ कटाई के कारण, अनुमति, प्रक्रिया और पर्यावरणीय प्रभाव से जुड़े बिंदुओं पर जवाब मांगेगी।
पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता ने जताई गहरी चिंता
पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता ने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक और अत्यधिक प्रदूषण-प्रभावित शहर में बिना अनुमति पेड़ काटना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि शहर में हरित क्षेत्र लगातार घट रहा है, जिससे तापमान वृद्धि, वायु प्रदूषण और जैव विविधता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि “चाहे आगरा कॉलेज परिसर हो या मेट्रो कॉरिडोर—पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होना तय है। इसीलिए जरूरी है कि सीईसी की यह सुनवाई न सिर्फ जिम्मेदारी तय करे बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी करे।”
क्यों अहम है यह सुनवाई?
- पहली बार शहर के दोनों बड़े पेड़ कटाई विवादों पर संयुक्त रूप से सुनवाई होगी।
- अवैध कटाई में शामिल विभागों और अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।
- सुप्रीम कोर्ट के अधीन CEC की बैठक भविष्य के पर्यावरण संरक्षण उपायों को दिशा दे सकती है।
