अवैध हथियार–लाइसेंस प्रकरण: कांग्रेस नेता और भाई STF ऑफिस पहुँचे, आगरा के कई सफेदपोश रडार पर
आगरा। अवैध हथियार और शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में STF की जांच लगातार तेज़ होती जा रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस से जुड़े एक नेता और उनके भाई ने STF कार्यालय पहुँचकर अपने बयान दर्ज कराए। हालांकि, जांच एजेंसी को अब भी पूरे दस्तावेज नहीं सौंपे गए हैं। STF को केवल अधूरे कागजात ही दिए गए, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
STF की सख़्ती, रसूखदारों में बढ़ी हलचल
STF सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में आगरा के कई सफेदपोश STF की रडार पर हैं। जांच में बिल्डर, शिक्षक और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोग संदिग्ध पाए गए हैं। अवैध हथियारों को स्टेटस सिंबल की तरह इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति अब जांच के घेरे में है।
शोबाज़ी बनी आफ़त, लाइसेंस घोटाले में एंट्री
सूत्रों का कहना है कि सोशल शोबाज़ी और रसूख दिखाने के चक्कर में कई लोगों ने अवैध हथियार रखे और फर्जी या नियमों को ताक पर रखकर शस्त्र लाइसेंस हासिल किए। यही लापरवाही अब उनके लिए मुसीबत बनती दिख रही है।
20 दिन बाद भी नहीं आईं फाइलें, STF ने भेजा दोबारा नोटिस
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बीस दिन बीत जाने के बावजूद शस्त्रागार के लिपिक ने संबंधित लाइसेंस फाइलें STF को नहीं सौंपीं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए STF ने दोबारा नोटिस जारी किया है। अब विभागीय भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
जल्द होगा बड़ा खुलासा
STF सूत्रों का दावा है कि अवैध हथियार–लाइसेंस नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश जल्द किया जाएगा। जांच एजेंसी ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई तय है और किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा
