डिजिटल गोल्ड मिरेकल’ के नाम पर ऑनलाइन स्कैम —: क्लीनिक संचालक से ₹33.87 लाख की साइबर ठगी
आगरा : आगरा में साइबर अपराधियों ने एक फिजियोथैरेपी क्लीनिक संचालक को ‘हनी ट्रैप’ में फंसाकर ₹33 लाख 87 हजार की ठगी कर ली। फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जाल में बदल गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आगरा ने जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक से शुरू हुआ हनी ट्रैप, ट्रेडिंग का लालच बना जाल
मधुनगर निवासी फिजियोथैरेपी क्लीनिक संचालक भूपेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को उन्हें एक युवती की फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। युवती ने अपना नाम सारा मेहता बताया और खुद को पुणे निवासी कहा।
पहला झांसा: युवती ने भूपेंद्र को ‘डिजिटल गोल्ड मिरेकल ट्रेडिंग’ वेबसाइट पर खाता खोलने और ₹49,000 से ट्रेडिंग शुरू करने को कहा। शुरुआती मुनाफ़ा दिखाकर उसने उनका भरोसा जीत लिया।
निवेश का दबाव: इसके बाद युवती लगातार अधिक निवेश करने के लिए भूपेंद्र पर दबाव डालने लगी।
कर्ज का जाल: युवती के कहने पर भूपेंद्र ने उधार लेकर 5,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4.18 लाख) जमा कर दिए।
मुनाफ़ा निकालने पर मांगा ‘टैक्स’, खाते को बताया फ्रीज़
जब भूपेंद्र ने अपने मुनाफे के 81,558 अमेरिकी डॉलर (करीब ₹65.24 लाख) निकालने की कोशिश की, तो वेबसाइट पर संदेश आया कि रकम ‘फ्रीज़’ है।
इसके बाद उन्हें डिजिटल गोल्ड मिरेकल’ नाम से मेल मिला, जिसमें कहा गया कि रकम निकालने के लिए पहले 30% टैक्स यानी ₹18.70 लाख जमा करने होंगे।
भूपेंद्र ने दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर यह **रकम भी भेज दी**, लेकिन फिर भी रकम जारी नहीं की गई।
ब्लैकमेलिंग और नई ठगी की कोशिश
जब भूपेंद्र ने अपने पैसे वापस मांगे तो ठगों ने कहा कि आपके साझेदार ने शिकायत की है, इसलिए खाता फ्रीज़ कर दिया गया है**।
फिर युवती ने कहा कि खाता दोबारा चालू करने के लिए ₹4.68 लाख और भेजो। भूपेंद्र ने यह रकम भी भेज दी।
इसके बाद ठगों ने ₹10 लाख और की मांग की। इस पर भूपेंद्र को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
डिप्रेशन में पहुंचे पीड़ित, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित ने बताया कि ठगों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया है। लगातार झूठे वादों और रकम की मांग से वे डिप्रेशन में चले गए।
साइबर क्राइम पुलिस अब ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, IP एड्रेस और वेबसाइट डोमेन की जांच कर रही है ताकि आरोपियों का जल्द पता लगाया जा सके।
