नकली दवाओं के मामले में तीन आरोपी इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा: ड्रग विभाग और पुलिस के द्वारा पर्याप्त सबूत ने दिए जाने के कारण न्यायालय की गंभीर टिप्पड़ी -प्रथम दृष्टया संगठित अपराध सिंडिकेट का कोई सबूत नहीं”
आगरा: नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन आरोपियों मुकेश बंसल, सोबित बंसल और संजय बंसल को जमानत दे दी है। ये सभी आरोपी ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जेल में बंद थे।
न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की एकल पीठ ने 17 अक्टूबर 2025 को आदेश में कहा कि प्रारंभिक जांच में कोई ठोस प्रमाण नहीं है, जिससे यह संकेत मिले कि आरोपी किसी संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्य हैं या उसके लिए अपराध कर रहे थे। अदालत ने यह भी कहा कि जब्त की गई दवाओं की गुणवत्ता के बारे में शुरुआती चरण में कोई निर्णायक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
आरोप है कि तीनों आरोपी फर्जी और घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं रखते, बेचते और वितरित करते थे।
कथित तौर पर ये दवाएं RMGS के माध्यम से खरीदी गई थीं।
मुकेश बंसल: बंसल मेडिकल एजेंसी के प्रोपराइटर
सोबित बंसल: ताज मेडिको के प्रोपराइटर
संजय बंसल: मेडी पॉइंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर
- चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी थी।
- अभियोजन ने जमानत का विरोध किया, लेकिन आरोपों का ठोस खंडन नहीं कर पाया।
- अदालत ने पाया कि तीनों आरोपी 31 अगस्त 2025 से जेल में हैं और जल्द सुनवाई की संभावना नहीं थी।
- कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत प्रारंभिक है; अंतिम फैसला सुनवाई के बाद होगा।
