आवास विकास के नाम पर 6.5 लाख की ठगी: फर्जी ओटीएस रसीदें देकर युवती से किया गया धोखा
आगरा। आवास विकास परिषद में ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) के नाम पर एक युवती से करीब 6 लाख 50 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आवास विकास कार्यालय में मिला भरोसे का जाल
पीड़िता वर्षा चौधरी, निवासी आवास विकास कॉलोनी, सिकंदरा (वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत) ने बताया कि उनके पिता के नाम आवास विकास परिषद से मकान संख्या 232, सेक्टर-12 आवंटित है। मकान से संबंधित बकाया धनराशि और कागजात पूरे कराने के लिए वह 2 फरवरी 2025 को आवास विकास कार्यालय पहुंची थीं।
खुद को आवास विकास से जुड़ा बताकर ठगी
कार्यालय परिसर में ही रिहान उद्दीन और शमशाद नाम के दो व्यक्तियों ने खुद को आवास विकास का काम कराने वाला बताकर संपर्क किया। दोनों ने युवती को भरोसा दिलाया कि वे ओटीएस के माध्यम से उसका बकाया कम करवा देंगे और कुल खर्च 6.50 लाख रुपये बताया।
कंप्यूटर से निकाली गई फर्जी बकाया सूची
आरोप है कि दोनों ने कार्यालय में कंप्यूटर से एक कागज निकालकर दिखाया, जिसमें 11.50 लाख रुपये बकाया दर्शाया गया। जल्दी भुगतान न करने पर मकान जाने की धमकी देकर युवती को मानसिक दबाव में लिया गया।
पेटीएम ट्रांसफर और नकद रकम हड़पी
विश्वास में लेकर युवती से
- 8 फरवरी 2025 को रिहान उद्दीन के खाते में 1 लाख रुपये पेटीएम कराए गए
- इसके बाद ब्याज पर लेकर 4 लाख रुपये नकद भी दिए गए
आरोपियों ने इसके बदले 4.63 लाख रुपये की फर्जी रसीद और फर्जी ओटीएस स्लिप पर टिकट व मोहर लगाकर दे दी।
डीडी और बेटे के खाते में भी पैसे ट्रांसफर
आरोप है कि 21 मई 2025 को 1 लाख रुपये की डीडी बनाकर दी गई और उसके बदले भी रकम मांगी गई। इसके अलावा शमशाद के पुत्र शाहदान खान के खाते में भी 6 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। कुल मिलाकर आरोपियों ने करीब 6.50 लाख रुपये हड़प लिए।
आवास विकास में खुली पोल, निकली सभी रसीदें फर्जी
जब पीड़िता आवास विकास परिषद कार्यालय पहुंची तो वहां बताया गया कि दी गई सभी रसीदें और ओटीएस स्लिप पूरी तरह फर्जी हैं। ठगी का अहसास होने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपियों ने गाली-गलौज, अश्लील बातें और जान से मारने की धमकी दी।
ऑडियो, चैट जैसे डिजिटल सबूत पुलिस को सौंपे
पीड़िता ने बताया कि उनके पास आरोपियों से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू
पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिहान उद्दीन, शमशाद और शाहदान खान के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
