हेमा मेडिको से बरामद दवाएं लैब जांच में पास,: हिमांशु अग्रवाल केस में नई दिशा की उम्मी
आगरा। एसटीएफ द्वारा दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल के खिलाफ दर्नlकली दवा प्रकरण में बड़ा मोड़ आया है। छापेमारी के दौरान हेमा मेडिको से जब्त की गई दवाओं की लैब रिपोर्ट आ गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार दवाइयां टेस्टिंग में पास पाई गई हैं। ऐसे में दवाओं को नकली करार देने का दावा अब विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
गौरतलब है कि अगस्त माह में दवा कारोबार में अनियमितताओं और कथित नकली दवा सप्लाई को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई थी। इसी आधार पर हिमांशु अग्रवाल पर कई मुकदमे दर्ज हुए थे।
परिजनों का दावा—रिश्वत का आरोप निराधार, GST जांच में फंसा था कारोबार
हिमांशु अग्रवाल और उनके परिजनों ने कहा है कि दवाओं की रिपोर्ट ने कई तथ्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि दवाइयाँ मानकों पर सही पाई गई हैं, इसलिए नकली दवा बेचने का आरोप टिक नहीं पाता।
उन्होंने यह भी कहा कि रिश्वत देने का आरोप भी निराधार है। उनके अनुसार, “घटना के दिन हमारे प्रतिष्ठान पर GST की जांच चल रही थी। ऐसे में बाहर जाकर किसी से मिलने या पैसे देने का प्रश्न ही नहीं उठता। हम मौके से निकल ही नहीं सकते थे।”
विभागीय जांच से तय होगा अगला कदम
दवा विभाग अब विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसमें दवाओं की बैच रिपोर्ट, बिलिंग, सप्लाई चेन और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच के बाद ही तय होगा कि मामला नकली दवा का है या नहीं।
तीनों मामलों में मिल चुकी है जमानत
हिमांशु अग्रवाल पर नकली दवा कारोबार, धोखाधड़ी और एसटीएफ को एक करोड़ रुपये रिश्वत देने की पेशकश सहित तीन मामले दर्ज हैं। इनमें उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब ताजा जांच रिपोर्ट से केस की दिशा बदलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
