आगरा

वोटर लिस्ट में हज़ारों फर्जी वोट!: विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश का बड़ा आरोप – BLOs पर FIR की मांग

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2025-10-29_14-21-03




वोटर लिस्ट में हज़ारों फर्जी वोट!


छावनी विधायक बोले — “एक ही घर में 350 वोटर, कई महिलाएं मायके से नहीं कटीं; BLOs की लापरवाही से बढ़ा फर्जीवाड़ा”

आगरा।
आगरा छावनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक और पूर्व राज्यमंत्री डॉ. जी.एस. धर्मेश ने अपनी ही विधानसभा की मतदाता सूची (Voter List) में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष मतदाता पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SSR) अभियान से पहले उन्होंने खुद 65 बूथों का अध्ययन किया, जिसमें हजारों फर्जी या दोहरे वोट पाए गए।


65 बूथों में 6,300 से अधिक गलत वोट

डॉ. धर्मेश ने बताया कि इन 65 बूथों में कुल 45,521 मतदाता पंजीकृत हैं। उनके अध्ययन के मुताबिक, इनमें से 6,349 वोट गलत या फर्जी हैं। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर बताया कि —

  • 5,400 महिलाएं ऐसी हैं जिनकी शादी हो चुकी है, लेकिन उनके वोट अब भी मायके के पते पर दर्ज हैं।
  • 949 मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम सूची में दो बार (डुप्लिकिकेट) दर्ज हैं।

उन्होंने कहा,

“अगर इन फर्जी 6,349 वोटों को हटा दिया जाए, तो सही मतदाताओं की संख्या केवल 39,172 रह जाएगी।”


BLOs पर गंभीर आरोप — “न घर-घर जाते हैं, न सही जांच करते हैं”

डॉ. धर्मेश ने इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा,

“यह सब BLO की लापरवाही, निकम्मेपन और काम न करने की वजह से हुआ है। वे घर-घर जाकर सत्यापन करने की बजाय सिर्फ मतदान केंद्र पर बैठकर काम पूरा दिखा देते हैं।”

उन्होंने मांग की कि जो बीएलओ सही सत्यापन नहीं कर रहे,

उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए,

वेतन काटा जाए,

और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो।


“एक ही घर में 350 वोटर!” — सदर बाजार का चौंकाने वाला उदाहरण

विधायक ने अपने बयान में सदर बाजार के कोठी नंबर 46 का उदाहरण देते हुए दावा किया कि,

“उस एक कोठी में 500 लोग रहते हैं, जिनमें से 350 मतदाता हैं — और सभी एक ही समुदाय के हैं।”

उन्होंने इन मतदाताओं के ‘बांग्लादेशी या रोहिंग्या’ होने का संदेह जताया और कहा कि प्रशासन केवल आधार कार्ड देखकर उन्हें सही मान रहा है, जबकि

“आधार कार्ड किसी व्यक्ति का स्थायी निवास प्रमाण नहीं होता।”


विशेष पुनरीक्षण अभियान की सराहना

डॉ. धर्मेश ने हालांकि चुनाव आयोग के SSR अभियान की सराहना की और कहा कि यह मतदाता सूची को शुद्ध करने का एक अच्छा प्रयास है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि अभियान को सख्ती से लागू किया जाए ताकि फर्जी वोटर हटाए जा सकें और ईमानदार मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।


प्रशासन और रिटर्निंग ऑफिसर से कार्रवाई की मांग

विधायक ने जिला प्रशासन और रिटर्निंग ऑफिसर से मांग की कि इस तरह की अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले चुनावों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।


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