बहन के साथ तारीख़ पर गए भाकियू भानू के युवा प्रदेश अध्यक्ष पवन समाधिया पर हमला: पुलिस ने दीवानी परिसर को बनाया छावनी
आगरा। दीवानी न्यायालय परिसर में वकीलों के दो गुटों के बीच पिछले तीन दिनों से लगातार तनाव, बहस और झगड़े की स्थिति बनी हुई थी, जिसका असर आज बड़े बवाल के रूप में देखने को मिला। इसी तनाव के बीच दहेज और भरण-पोषण केस में अपनी बहन पूजा शर्मा के साथ तारीख पर आए पवन समाधिया (युवा प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन भानू) और उसके परिवार पर हथियारों से हमला किया गया, जिसमें फरसा, तमंचा, लोहे की सरिया और डंडों का इस्तेमाल किया गया।
दीवानी परिसर बना छावनी
माहौल बिगड़ने पर मौके पर कमिश्नर दीपक कुमार, डीआईजी/डीसीपी अली अब्बास, एडिशनल डीसीपी आदित्य कुमार, एसीपी अक्षय महादिक सहित दर्जनों थानों की भारी पुलिस फोर्स पहुँची। जिला जज और कमिश्नर ऑफ पुलिस के बीच लंबी बातचीत चली, इसके बाद पूरे दीवानी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
वकील के चैंबर में घुसकर हमला — पवन समाधिया
पवन समाधिया ने बताया:
“मैं वकील साहब के पास बैठा था, तभी 10–15 लोग अंदर घुसे। विकास पचौरी, अमित पचौरी, अमित बघेल, ऋषि चौहान समेत कई अज्ञात थे। एक के हाथ में तमंचा था, जिसकी बट से मेरे सिर पर वार किया।”
पवन के अनुसार आरोपी पक्ष तीन दिन से धमकी दे रहा था और हमला करने की फिराक में था।
भूख हड़ताल की चेतावनी
पवन समाधिया:
“यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो मैं घर नहीं जाऊंगा। थाने गेट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करूँगा। कोर्ट में भी सुरक्षा नहीं है—तो पीड़ित अपनी तारीख पर कैसे आए?”
“125 की डेट पर भी मेरे साथ मारपीट की” पूजा शर्मा
पूजा शर्मा ने बताया कि 17 तारीख को उसकी भरण-पोषण (125 CrPC) की तारीख थी, जहाँ आरोपी ने खर्चा देने से इनकार करते हुए कोर्ट में ही उसके साथ मारपीट की।
“वह हर डेट पर मारपीट करता है। जज मैडम ने भी कहा कि खर्चा देना पड़ेगा, लेकिन वह नहीं माना और मारपीट की।”
“फरसा, बंदूक लेकर कोर्ट में कैसे आ गया?” पूजा
पूजा शर्मा ने कहा:
“इतनी पुलिस फोर्स के बावजूद वह फरसा, बंदूक, सरिया लेकर कोर्ट में पहुँच गया। मेरे भाई पर फरसे से वार किया, छोटे भाई के सिर पर लोहे की पाइप से मारा। फोर्स उसे सपोर्ट कर रही है, मुझे नहीं।”
पीड़ित परिवार की मांग
परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी, अदालत परिसर में सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की है।
