कोडीन सिरप माफिया पर शिकंजा:: सात साल का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा,
आगरा।
आगरा में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में लिप्त माफिया अब विभाग की राडार पर हैं। ड्रग विभाग ने कोडीन युक्त खांसी की सिरप की संदिग्ध बिक्री की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले सात सालों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि किन कंपनियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और मेडिकल स्टोर्स ने नियमों की अनदेखी कर नशीली सिरप की अवैध बिक्री की है।
जांच का दायरा बढ़ा, कंपनियों से डेटा तलब
दवा कंपनियों से बिक्री और वितरण से जुड़ा डेटा मांगा गया है। विभाग उन डिस्ट्रीब्यूटर्स और सप्लायर्स को चिन्हित कर रहा है जिन्होंने पिछले वर्षों में असामान्य मात्रा में कोडीन सिरप की खरीद या सप्लाई दिखाई है।
सूत्रों के अनुसार, कई व्यापारियों ने फर्जी बिलिंग कर बिक्री के नाम पर रिकॉर्ड तैयार किए, जबकि असल में सिरप नशे के रूप में अवैध रूप से बेचा गया।
फर्जी बिलिंग और अवैध सप्लाई पर होगी सख्त कार्रवाई
ड्रग विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोडीन सिरप की अवैध बिक्री में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मेडिकल स्टोर्स ने कंपनियों से बड़ी मात्रा में सिरप लेकर नकली ग्राहकों के नाम से बिल काटे। अब उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
सात साल का रिकॉर्ड खंगालने का आदेश
विभाग ने आगरा समेत आस-पास के जिलों में 2018 से अब तक की बिक्री का पूरा डेटा खंगालने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस जांच से यह स्पष्ट होगा कि किन मेडिकल स्टोर्स और वितरकों ने कोडीन युक्त सिरप के दुरुपयोग में भूमिका निभाई।
आगरा में कई माफिया चिन्हित
प्रारंभिक जांच में दर्जनों दवा माफिया सामने आए हैं जो सालों से इस कारोबार में सक्रिय हैं।
यह माफिया नशेड़ी युवाओं को कोडीन सिरप महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे।
ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन फार्मा कंपनियों का नाम इस नेटवर्क में सामने आया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।