आबिद हत्याकांड में 9 दोषियों को उम्रकैद: “रंगबाजी” में की थी निर्मम हत्या
आगरा।
आगरा की एक अदालत ने लगभग दो साल पुराने चर्चित हत्याकांड में एक बड़ा फैसला सुनाया है। थाना रकाबगंज क्षेत्र में रेलवे लाइन पर आबिद उर्फ मूसा की निर्मम हत्या के मामले में, अपर जिला जज-पंचम मृदुल दुबे की अदालत ने सभी नौ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, प्रत्येक दोषी पर सवा दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने माना कि यह हत्या अभियुक्तों द्वारा “रंगबाजी” (अपना दबदबा कायम करने के लिए) में की गई थी।
क्या था पूरा मामला?
घटना 27 फरवरी 2023 की है। मृतक आबिद के पिता मोहम्मद बकर ने थाना रकाबगंज में FIR दर्ज कराई थी। तहरीर के अनुसार, शाम करीब छह बजे उनके बेटे आबिद उर्फ मूसा को संजू कर्दम और उसके साथी घर से बुलाकर ले गए थे।
आरोप है कि काजीपाड़ा रेलवे लाइन पर ले जाकर पहले आबिद को जबरन शराब पिलाई गई और फिर गाली-गलौज की गई। इसके बाद, सभी अभियुक्तों ने एक राय होकर लोहे की रॉड, चाकू, सरिया और तलवार से आबिद पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही निर्दयतापूर्वक हत्या हो गई।
दो साल से कम समय में आया फैसला
पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचक ने 6 अप्रैल 2023 को ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रवीण पाराशर ने दमदार पैरवी की। अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और फोरेंसिक साक्ष्यों को इस केस में निर्णायक माना। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यह हत्या एक सोची-समझी योजना के तहत की गई थी। इस त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, घटना के दो साल के भीतर ही सभी दोषियों को सजा सुना दी गई।
इन अभियुक्तों को मिली सजा:
- संजू कर्दम
- टीटू बकरा (उर्फ विक्रम)
- कलुआ (उर्फ नरेंद्र)
- राजाबाबू
- नरेंद्र
- गुलाब
- बृजेश
- संदीप (उर्फ लल्लू)
- (एवं एक अन्य)
