गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में बसने के लिए फैक्ट्री सुपरवाइजर बना चोर,: 7.70 करोड़ की चोरी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार
आगरा। गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में नई जिंदगी शुरू करने की चाहत में एक फैक्ट्री सुपरवाइजर ने अपने ही मालिक के भरोसे को तोड़ते हुए करोड़ों की चोरी को अंजाम दे दिया। थाना सिकंदरा क्षेत्र स्थित रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड में हुई इस बड़ी चोरी का आगरा पुलिस ने रिकॉर्ड समय में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 66 लाख रुपये नकद और सोना, चांदी व हीरे की ज्वेलरी समेत लगभग 7.70 करोड़ रुपये का माल बरामद किया है। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
फैक्ट्री का ताला टूटा देख मचा हड़कंप
यह मामला 19 जनवरी 2026 की सुबह सामने आया, जब रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मालिक बुद्धिराजा को कर्मचारियों ने सूचना दी कि फैक्ट्री के प्रथम तल का गेट टूटा हुआ है और सभी अलमारियों व लॉकरों के ताले क्षतिग्रस्त हैं। मौके पर पहुंचकर देखा गया तो कार्यालय से भारी मात्रा में नकदी और कीमती ज्वेलरी गायब थी।
इसके बाद थाना सिकंदरा में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
CCTV फुटेज ने खोला राज
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और डीसीपी नगर के निर्देशन में गठित टीमों ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में फैक्ट्री में कार्यरत सुपरवाइजर अनुपम शर्मा की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरे चोरी कांड की साजिश का खुलासा कर दिया।
अंदर की जानकारी का उठाया फायदा
आरोपी अनुपम शर्मा पिछले चार वर्षों से फैक्ट्री में कंप्यूटर ऑपरेटर और सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत था। उसे फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, चौकीदारों की ड्यूटी और अंदर के रास्तों की पूरी जानकारी थी।
उसने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय सिंह उर्फ संजू के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। तीनों को पता था कि रविवार को फैक्ट्री में छुट्टी रहती है और स्टाफ भी कम होता है। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
ऐसे दिया चोरी को अंजाम
19 जनवरी की रात अनुपम फैक्ट्री के पीछे बने रास्ते से दीवार से लगे अर्थिंग पाइप के सहारे टीनशेड पर चढ़ गया। इसके बाद पहली मंजिल के शीशे को तोड़कर अंदर घुसा।
उसने सबसे पहले ऑफिस में लगे CCTV कैमरे का रुख ऊपर कर दिया, ताकि उसकी पहचान न हो सके। फिर लॉकर तोड़कर उसमें रखी नकदी और ज्वेलरी को बैग व बोरी में भर लिया।
इस दौरान बाहर उसका भाई अनुराग और दोस्त संजय निगरानी करते रहे। चोरी के बाद तीनों आरोपी जंगल की ओर निकल गए और माल को वहां गड्ढा खोदकर छिपा दिया।
गर्लफ्रेंड के लिए किया अपराध
पूछताछ में अनुपम ने पुलिस को बताया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होना चाहता था। इसके लिए उसे बड़ी रकम की जरूरत थी।
उसने बताया कि मालिक उस पर पूरा भरोसा करते थे और इसी भरोसे का उसने गलत फायदा उठाया। लालच में आकर उसने अपराध का रास्ता चुना।
जंगल से बरामद हुआ करोड़ों का माल
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चोरी के माल का आपस में बंटवारा करने के लिए जंगल में पहुंचने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से गड्ढा खोदकर छिपाया गया पूरा माल बरामद कर लिया गया। इसमें—
- 66,33,980 रुपये नकद
- 3.800 किलो सोने व डायमंड ज्वेलरी
- 5.500 किलो चांदी
शामिल है।
गिरफ्तार अभियुक्त
- अनुपम शर्मा पुत्र स्व. दुर्गेश शर्मा (फैक्ट्री कर्मचारी)
- अनुराग शर्मा पुत्र स्व. दुर्गेश शर्मा
- संजय सिंह उर्फ संजू पुत्र स्व. रघुराज सिंह
तीनों निवासी थाना बाह क्षेत्र, जिला आगरा के रहने वाले हैं।
पुलिस टीम को मिला इनाम
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस टीम ने लगातार 72 घंटे मेहनत कर इस बड़े मामले का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि इसमें SOG, सर्विलांस और थाना सिकंदरा पुलिस की अहम भूमिका रही। टीम को ₹25,000 नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है।
मालिक का टूटा भरोसा
इस घटना के बाद फैक्ट्री मालिक बुद्धिराजा काफी आहत हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अनुपम पर पूरा भरोसा किया था और उसे परिवार जैसा माना था, लेकिन उसी ने उनके साथ विश्वासघात किया।
