नियुक्ति पत्र के नाम पर रिश्वत का आरोप,: बीएसए दफ्तर में हंगामा
मानवेन्द्र मल्होत्रा
जनपद आगरा के बेसिक शिक्षा विभाग में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, करीब 13 वर्षों से गणित और विज्ञान शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लगभग 30 अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद नियुक्ति पत्र मिलने थे।
लेकिन अचानक 10 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी गई, जिससे मामला गरमा गया। आरोप है कि विभाग में तैनात योगेन्द्र नामक बाबू ने इन अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये की मांग की थी। जब अभ्यर्थियों ने यह रकम देने से इनकार किया, तो उनके नियुक्ति पत्र रोक दिए गए।
इस बात से नाराज अभ्यर्थियों ने बीएसए कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि संबंधित बाबू उन्हें फोन कर अलग से मिलने के लिए बुलाता था और पैसे की मांग करता था।
हंगामा बढ़ता देख विभागीय अधिकारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने करीब दो घंटे बाद रोक दिए गए सभी नियुक्ति पत्र जारी कर दिए, तब जाकर मामला शांत हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
