प्रीपेड टास्क स्कैम:: युवक से ऑनलाइन जॉब और क्रिप्टो निवेश के नाम पर 8 लाख की ठगी
आगरा: साइबर ठगों ने आगरा के एक युवक को ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब और फर्जी क्रिप्टो निवेश के नाम पर 8 लाख से अधिक की चपत लगा दी। पीड़ित हितेन्द्र जैन (26 वर्ष), निवासी कचहरी घाट, आगरा, ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
व्हाट्सएप पर शुरू हुआ धोखे का खेल
14 जून 2025 को हितेन्द्र जैन को व्हाट्सएप पर अनया कौर नाम की महिला ने संपर्क किया। उसने खुद को “Best Digital Marketing Agency in India” की कर्मचारी बताते हुए गूगल रिव्यू पोस्ट करने पर रोजाना 150 से 1,000 रुपये कमाने की पेशकश की।
शुरुआत में 150 रुपये का भुगतान कर पीड़ित का विश्वास जीत लिया गया — यह ‘प्रीपेड टास्क स्कैम’ की आम रणनीति है, जहाँ शुरुआत में छोटे मुनाफे दिखाकर भरोसा बनाया जाता है।
‘वेलफेयर टास्क’ और क्रिप्टो निवेश का जाल
इसके बाद हितेन्द्र को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ उसे “वेलफेयर टास्क” नाम के निवेश प्रोजेक्ट में पैसे लगाने को कहा गया। ठगों ने इसे क्रिप्टो ट्रेडिंग मार्केट जैसा बताकर भारी मुनाफे का लालच दिया।
शुरुआती छोटे निवेश पर कुछ रकम वापस कर दी गई, जिससे विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद 5,000 से 15,000 रुपये तक के टास्क, फिर 80,000 और 1.8 लाख रुपये तक की रकम भेजने के लिए कहा गया।
फर्जी लोन और अकाउंट फ्रीज का झांसा
जब पीड़ित के पास पैसे खत्म हो गए, तो ठगों ने 55,000 रुपये का फर्जी लोन जारी किया और उसे वापस करने के लिए दबाव डाला।
बाद में कहा गया कि उसका अकाउंट “फ्रीज” हो गया है और उसे अनलॉक करने के लिए 3.58 लाख रुपये (RTGS के जरिए Gunnidhi Kalsi के खाते में) भेजने को कहा गया। इसके बाद 4 लाख रुपये और मांगने पर ठगी का खुलासा हुआ।
साइबर पुलिस की जांच जारी
पीड़ित ने 29 अक्टूबर 2025 को साइबर क्राइम थाना, आगरा में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप नंबर की जांच कर रही है।
