अपराध

Bank manager मर्डर केस में बड़ा अपडेट — प्रियंका, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्य्क्ष बिजेंद्र रावत और कृष्णा रावत दोषी करार,: बुधवार को सजा का ऐलान

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आगरा: दो साल पहले हुए बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय मर्डर केस में आगरा की एडीजे-17 कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मंगलवार को मृतक की पत्नी प्रियंका रावत, ससुर बिजेंद्र रावत और साले कृष्णा रावत को हत्या का दोषी करार दिया है। तीनों दोषियों को बुधवार (15 अक्टूबर 2025) को सजा सुनाई जाएगी।

इस मामले में ससुर बिजेंद्र रावत, जो कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, पर अपने रसूख का इस्तेमाल कर केस को आत्महत्या साबित करने की कोशिश करने का आरोप भी लगा था।

मामले की पृष्ठभूमि

12 अक्टूबर 2023 की सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि रामरघु एग्जॉटिका, आगरा में रहने वाले बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय ने आत्महत्या कर ली है। लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घटनास्थल पर खून के धब्बे, साफ की गई चादरें और चोटों के निशान देखकर मामला संदिग्ध लगा।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि सचिन की मौत गंभीर चोटों और अंदरूनी रक्तस्राव के कारण हुई थी। शरीर पर गर्म सरिए से दागने और डंडों से प्राइवेट पार्ट पर वार के निशान मिले। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया।

परिवारिक विवाद बना हत्या की वजह

सचिन की शादी नौ साल पहले प्रियंका रावत से हुई थी। दोनों के बीच कुछ समय से रिश्तों में तनाव चल रहा था। सचिन के पिता द्वारा पेट्रोल पंप की अर्जी छोटे बेटे के नाम करने के फैसले से प्रियंका और उसका परिवार नाराज था। इसके बाद से सचिन पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ने लगा।

11 अक्टूबर 2023 की रात प्रियंका ने अपने पिता और भाई को घर बुलाया। तीनों ने मिलकर सचिन को बांधकर गर्म सरिए से दागा और डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए चादरें धोई गईं और हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश हुई।

अदालत में क्या हुआ?

मामला थाना ताजगंज में दर्ज हुआ। सुनवाई के दौरान अदालत में 18 गवाहों को पेश किया गया। वादी पक्ष के वकील अवधेश शर्मा ने कहा कि गवाहों और सबूतों ने यह साबित कर दिया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।

कोर्ट ने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मिले साक्ष्य स्पष्ट रूप से हत्या और सबूत मिटाने की मंशा को दर्शाते हैं।

परिवार की प्रतिक्रिया

मृतक के पिता केशव देव शर्मा ने कहा,

 “दो साल की कानूनी लड़ाई के बाद आखिर हमें न्याय मिला है। हमने बेटे के लिए दिन-रात अदालतों के चक्कर लगाए। अब उम्मीद है कि कोर्ट तीनों को उम्रकैद या फांसी की सजा दे।”

अब पूरा आगरा इस केस की अगली सुनवाई पर नजर रखे हुए है। बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को कोर्ट प्रियंका, बिजेंद्र और कृष्णा रावत की सजा का ऐलान करेगी।

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