रेव पार्टियों तक पहुंच रहा था ‘केमिस्ट टीचर’ का जहर,: यूट्यूब से सीखी ड्रग बनाने की तकनीक
आगरा।शहर में एक शिक्षक के जरिए चल रहे ऑनलाइन ड्रग्स नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रसायन विज्ञान पढ़ाने वाला शिक्षक यूट्यूब से तकनीक सीखकर एमडीएमए जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग तैयार कर रहा था और इसे ऑनलाइन माध्यम से रेव पार्टियों तक पहुंचा रहा था। तेलंगाना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की सूचना पर हैदराबाद और आगरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार खंदौली क्षेत्र के नगला मटटू में किराए पर रहने वाला मनोज कुमार मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के नारखी थाना क्षेत्र का निवासी है और पेशे से रसायन विज्ञान का शिक्षक है। पुलिस टीम ने उसके ठिकाने पर छापा मारकर ड्रग्स तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई सौ लीटर केमिकल और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी को देखते हुए पुलिस इसे बड़े सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
इस पूरे मामले की कड़ी जोधपुर से भी जुड़ी है। पुलिस के अनुसार वीरेंद्र कुमार, जो जोधपुर के एक निजी स्कूल में गणित का शिक्षक है, इस नेटवर्क की अहम कड़ी बताया जा रहा है। हैदराबाद पुलिस उसे पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में वीरेंद्र ने खुलासा किया कि मनोज कुमार केमिकल से ड्रग तैयार करता था और उसे सप्लाई करता था, जिसे वह ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए पार्टियों में बेचता था।
जांच में यह भी सामने आया कि मनोज कुमार ने इंटरनेट और यूट्यूब के माध्यम से एमडीएमए समेत कई सिंथेटिक ड्रग्स बनाने का तरीका सीखा था। करीब छह महीने पहले उसने पहली बार एमडीएमए तैयार कर वीरेंद्र को दिया था, जिसे ऊंचे दामों पर बेच दिया गया। इसके बाद दोनों ने इस अवैध कारोबार को नियमित रूप से चलाना शुरू कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक ड्रग्स की बढ़ती मांग को देखते हुए आरोपी ने करीब एक महीने पहले नगला मटटू में दो हजार रुपये मासिक किराए पर एक दुकान भी ले ली थी। यहीं पर वह केमिकल से ड्रग तैयार करता था और तैयार माल सप्लाई करता था।
एसीपी आदित्य के अनुसार आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि यह ड्रग्स किन-किन शहरों तक सप्लाई की जा रही थी।
