सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र:मेरठ में 859 अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर,: कार्रवाई का असर पूरे प्रदेश में संभव
नई दिल्ली/मेरठ।उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में मेरठ की शास्त्री नगर योजना-7 में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए 360 दिनों का विस्तृत कम्प्लायंस एक्शन प्लान प्रस्तुत किया है। परिषद के अध्यक्ष पी. गुरुप्रसाद द्वारा दायर शपथ पत्र में बताया गया कि कुल 860 अवैध संपत्तियों में से एक को पहले ही ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि शेष 859 पर कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है।
हलफनामे के अनुसार, प्लॉट संख्या 661/6 पर बने 21 दुकानों वाले अवैध कॉम्प्लेक्स को कब्जे में लेकर 26 जनवरी 2025 तक गिरा दिया गया। यह निर्माण आवासीय भूमि पर व्यावसायिक उपयोग के लिए किया गया था।
360 दिन का एक्शन प्लान
परिषद ने कोर्ट को बताया कि यह अभियान अत्यंत व्यापक और जटिल है, जिसे सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए करीब एक वर्ष (360 कार्य दिवस) का समय लगेगा।
- कुल 859 संपत्तियों पर कार्रवाई प्रस्तावित
- सेक्टर-2 में 108 संपत्तियों को हटाने के लिए 24 दिन का समय
- अन्य आंतरिक सड़कों पर स्थित निर्माणों के लिए 42 दिन तक की योजना
- अभियान के दौरान भारी पुलिस बल और कार्यकारी मजिस्ट्रेट की तैनाती का प्रस्ताव
अवैध निर्माणों की हकीकत
हलफनामे के साथ संलग्न रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं—
- स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण और अतिरिक्त मंजिलें
- आवासीय भूखंडों पर अस्पताल, क्लिनिक, बैंक्वेट हॉल और दुकानों का संचालन
- करीब 98 संपत्तियों के मानचित्र रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि योजना क्षेत्र की 860 संपत्तियों की जांच में 144 जगहों पर व्यावसायिक उपयोग मिला, जिनमें से 215 मालिकों ने स्वयं अवैध गतिविधियां बंद करने की सहमति दी है, जबकि बाकी मामलों में नोटिस जारी कर कार्रवाई जारी है।
मैनुअल और मशीन से ध्वस्तीकरण
परिषद ने स्पष्ट किया कि जहां केवल आंशिक अवैध निर्माण हैं, वहां आसपास के वैध ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए मैनुअल तरीके से ध्वस्तीकरण किया जाएगा। साथ ही, पहले नोटिस देकर संपत्तियों को खाली कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की मदद से कब्जा लेकर कार्रवाई होगी।
कोर्ट में माफी, पालन का भरोसा
हलफनामे में अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि किसी भी तरह की अवमानना जानबूझकर नहीं की गई। साथ ही भरोसा दिलाया गया कि अब सभी कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों और कानून के अनुसार ही की जाएगी।
प्रदेशभर में पड़ेगा असर
मेरठ में चल रही इस बड़ी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट की सख्त निगरानी के बाद अब उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान तेज होने की संभावना है। आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण करने वालों पर प्रशासन सख्त रुख अपना सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे ने मेरठ में अवैध निर्माणों की गंभीर स्थिति उजागर कर दी है। अब आने वाले दिनों में प्रदेशभर में इसी तरह की बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
