आगरा। कच्ची उम्र में ही बच्चों में रंगबाजी और हिंसा का खतरनाक चलन सामने आ रहा है। जगदीशपुरा क्षेत्र में कक्षा 9 के छात्रों पर 15 वर्षीय छात्र को रास्ते में घेरकर फिल्मी स्टाइल में मारपीट करने और चाकू से हमला करने का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल छात्र को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मामला 25 अगस्त का बताया जा रहा है। शिकायत के मुताबिक स्कूल की छुट्टी के बाद छात्र घर लौट रहा था। इसी दौरान उसे उसके साथ पढ़ने वाले एक छात्र ने 3-4 साथियों के साथ रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि पहले गाली-गलौज और मारपीट की गई, फिर छात्र को धक्का देकर गिराया गया। विरोध करने पर चाकू से हमला कर दिया गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद आठ दिन तक पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद मामला पुलिस आयुक्त के समक्ष पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई। परिवार ने आरोपियों से दोबारा हमले की आशंका जताते हुए सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।
चाइल्ड एक्टिविस्ट नरेश पारस की पहल पर हरकत में आई पुलिस
मामले में चाइल्ड एक्टिविस्ट नरेश पारस की पहल पर पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस अधिकारियों के समक्ष शिकायत रखी गई। शिकायत में मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज करने, चाकू से हमला करने वाले बच्चों के खिलाफ कार्रवाई और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक कर कार्यवाही की मांग की गई है।
अब मामले में आरोपी बताए गए नाबालिग बच्चों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित छात्र को चोटों के कारण 31 अगस्त को दोबारा एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद 2 सितंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया।
चाइल्ड एक्टिविस्ट नरेश पारस ने बताया की सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उनके हाथों में चाकू कैसे पहुंच रहे हैं? स्कूलों में गुटबाजी, रंगबाजी और हिंसा की यह प्रवृत्ति अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
