महिला सुरक्षा, जनसंवाद और पारदर्शिता पर केंद्रित ‘बीट पुलिसिंग’ ने बदली पुलिस कार्यशैली: आगरा पुलिस की बीट प्रणाली से मजबूत हुआ अपराध नियंत्रण तंत्र
आगरा। आगरा पुलिस की “बीट प्रणाली” लागू होने के बाद से शहर में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और पुलिस पर जनता के विश्वास में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। अब पुलिस की फील्ड में लगातार मौजूदगी, समय पर कार्रवाई और जनसंवाद के चलते कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। यह प्रणाली अपराधों पर रोक लगाने के साथ-साथ नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना को भी गहरा रही है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में कमिश्नरेट आगरा ने इस बीट पुलिसिंग व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। इस व्यवस्था के तहत शहर को कुल 1803 बीट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें 3390 पुरुष पुलिसकर्मी और 219 महिला पुलिसकर्मी को जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बालिका सुरक्षा के लिए “मिशन शक्ति” अभियान के अंतर्गत विशेष बीट अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
बीट पुलिस रोजाना क्षेत्र भ्रमण कर नागरिकों से संवाद करती है, शिकायतें सुनती है और भीड़भाड़ या संवेदनशील इलाकों में सतर्क निगरानी बनाए रखती है। पुलिस द्वारा क्षेत्रवार उत्तरदायित्व तय करने से न केवल जवाबदेही बढ़ी है, बल्कि अपराधों की रोकथाम और जनविश्वास में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
महिला सुरक्षा के लिए बीट पुलिस स्कूली स्तर पर “गुड टच-बैड टच” जैसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। वहीं घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और साइबर अपराधों के मामलों में बीट अधिकारी त्वरित कार्रवाई कर रही हैं।
कमिश्नरेट का दावा है कि इस प्रणाली से अपराध-निरोधक तंत्र सुदृढ़ हुआ है, महिला सुरक्षा में सुधार हुआ है, और पुलिस-जन सहयोग की भावना मजबूत हुई है। साथ ही डिजिटल रिपोर्टिंग और पारदर्शी मॉनिटरिंग से पुलिस की जवाबदेही भी बढ़ी है।
- आगरा में कुल 1803 बीट क्षेत्र बनाए गए हैं।
- बीट प्रणाली से अपराध रोकथाम और जनसंवाद में सुधार।
- 3390 पुरुष और 219 महिला पुलिसकर्मी तैनात।
- “मिशन शक्ति” के तहत महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान।
- डिजिटल रिपोर्टिंग से पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई।
