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RSS शताब्दी वर्ष: आगरा में दत्तात्रेय होसबाले का उद्बोधन,: कहा— “यह उत्सव समाज के आत्मविश्वास का प्रतीक”

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आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शुक्रवार को संस्कृति भवन, ललित कला संस्थान, आगरा के सभागार में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों—व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, विधि, विज्ञान, प्रशासन, साहित्य, धार्मिक एवं क्रीड़ा जगत—से जुड़े गणमान्यजन मौजूद रहे।

होसबाले का उद्बोधन: “समाज की एकता और राष्ट्रभाव ही शताब्दी वर्ष का मार्गदर्शन”

गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ को समझने के लिए उसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की देशभक्ति और दूरदृष्टि को समझना होगा।

उन्होंने कहा—

“संघ का शताब्दी वर्ष संगठन का उत्सव नहीं बल्कि समाज की एकता, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का प्रतीक है।”

होसबाले ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक राष्ट्रप्रेम की भावना पहुँचाने का संकल्प लेने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने संबोधन में कन्याकुमारी विवेकानंद स्मारक, अयोध्या राम मंदिर और अमरनाथ यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि “यदि संघ न होता तो क्या होता – यह भी एक गंभीर चिंतन का विषय है।”

“व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण”, सेवा कार्यों पर दिया जोर

सरकार्यवाह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मूल अवधारणा व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण है, और यह सतत प्रक्रिया समाज की सहभागिता से ही सफल होती है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेवा में बलिदान के रूप में यदि सेना और पुलिस के बाद किसी संगठन का नाम आता है, तो उसमें संघ के स्वयंसेवकों का योगदान महत्वपूर्ण है।

प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति

गोष्ठी में निम्न प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे—

  • अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले
  • अखिल भारतीय शारीरिक शिक्षण प्रमुख जगदीश
  • क्षेत्र प्रचारक महेन्द्र
  • अखिल भारतीय गौ संयोजक अजीत महापात्र
  • संस्कार भारती से बांके लाल

साथ ही प्रांत एवं क्षेत्र के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

गोष्ठी में सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण

कार्यक्रम में संघ की ओर से विभिन्न क्षेत्रों—सामाजिक, शैक्षणिक, सेवा एवं राष्ट्रीय जागरण—में चल रहे कार्यों की जानकारी दी गई।

गोष्ठी का संचालन सुनील कुमार एवं प्रमोद चौहान ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदेमातरम और समापन राष्ट्रगान से हुआ।

 

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