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कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य के फर्जी लेटरपैड से सिफारिशें भेजने का पर्दाफाश,: पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

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आगरा। कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार कर मिशनरी स्कूलों और कई सरकारी विभागों में सिफारिश भेजने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। मंत्री के कैंप कार्यालय की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्कूल ने की पुष्टि, तब खुला राज

मंगलवार को मंत्री के प्रतिनिधि सुनील गोली ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि हरीपर्वत क्षेत्र के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में मंत्री के नाम से प्रवेश (Admission) की सिफारिश भेजी गई थी।
स्कूल को लगातार संदिग्ध सिफारिशें मिल रही थीं। संदेह होने पर जब प्रबंधन ने मंत्री कार्यालय से संपर्क किया, तो पता चला कि ऐसा कोई पत्र कभी जारी ही नहीं हुआ था।

रंगीन कॉपी और स्कैन हस्ताक्षर से बना ‘फर्जी लेटरपैड’

कार्यालय कर्मचारियों ने स्वयं जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ—

  • मंत्री के असली लेटरपैड की स्कैन कॉपी लेकर कलर प्रिंट निकाली गई थी।
  • उस पर स्कैन किए हुए हस्ताक्षर चिपकाकर सिफारिशी पत्र तैयार किया गया।
  • लेटरपैड को इतना प्रोफेशनल बनाया गया कि पहली नजर में असली जैसा लगे।

लेकिन दो बड़ी गलतियों ने फर्जीवाड़े का राज खोल दिया—

  1. लेटरपैड पर क्रमांक (Numbering) नहीं था, जबकि असली लेटरपैड पर क्रमांक अनिवार्य होता है।
  2. तारीख हाथ से नहीं लिखी गई, बल्कि कंप्यूटर से टाइप की गई, जबकि कार्यालय में तारीख हमेशा हाथ से लिखी जाती है।

अन्य विभागों में भी ऐसे पत्र भेजे जाने की आशंका

सूत्रों के अनुसार, फर्ज़ी लेटरपैड का इस्तेमाल अन्य विभागों और संस्थानों में भी किया गया है।
कुछ विभागों ने तीन संदिग्ध सिफारिशी पत्र प्राप्त होने की पुष्टि भी की है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी

डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि—

“फर्जी लेटरपैड बनाकर सिफारिशी पत्र भेजने का मामला दर्ज कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जिम्मेदारों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी लेटरपैड तैयार करने वाला कौन है, और क्या इस गैंग का नेटवर्क अन्य विभागों तक फैला हुआ है।

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