आगरा में इंटरनेशनल नार्को सिंडिकेट का पर्दाफाश:: ₹1.22 करोड़ की विदेशी ड्रग्स के साथ मां-बेटों समेत 4 गिरफ्तार; कैलिफ़ोर्निया और थाईलैंड से जुड़ा नेटवर्क
आगरा | ताजनगरी में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नार्को-सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यूपी एसटीएफ की आगरा यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सिकन्दरा थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर सिकन्दरा की शिवपुरी कॉलोनी से भारी मात्रा में विदेशी ‘ओसियन ग्रीन हाइड्रोपोनिक गांजा’ और ‘एमडीएमए’ की बड़ी खेप बरामद की है।
पुलिस ने मौके से एक ही परिवार के तीन सदस्यों, जिनमें मां और उसके दो बेटे शामिल हैं, के साथ उनके एक साथी को गिरफ्तार किया है। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत ₹1.22 करोड़ आंकी गई है।
- – बरामद ड्रग्स की कुल कीमत: ₹1 करोड़ 22 लाख
- छापेमारी का स्थान: नवीन गौतम का मकान, शिवपुरी कॉलोनी, अशोपा हॉस्पिटल के पास, थाना सिकन्दरा, आगरा
- दर्ज मुकदमा: थाना सिकन्दरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
- मुख्य पुलिस टीम: एसटीएफ के उप-निरीक्षक योगेन्द्र सिंह, विवेक कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी हरपाल, प्रदीप चौधरी और मानवेन्द्र
मकान को बनाया था ‘सेफ हाउस’
एसटीएफ के उप-निरीक्षक योगेन्द्र सिंह को खुफिया सूचना मिली थी कि दिल्ली से ड्रग्स की एक बड़ी खेप आगरा सप्लाई के लिए लाई गई है। तस्करों ने सिकन्दरा की शिवपुरी कॉलोनी में अशोपा हॉस्पिटल के पास स्थित नवीन गौतम के मकान को अपना ‘सेफ हाउस’ बना रखा था।
आरोपी इसी ठिकाने पर रहकर ड्रग्स को छोटे पैकेट और पुड़ियों में बांट रहे थे, ताकि स्थानीय पेडलर्स और कॉलेज छात्रों तक इसे आसानी से पहुंचाया जा सके। सूचना मिलते ही एसटीएफ, एएनटीएफ और सिकन्दरा थाना पुलिस ने संयुक्त जाल बिछाकर छापेमारी की कार्रवाई की।
बरामदगी और कीमत
पुलिस को आरोपियों के पास से निम्नलिखित प्रतिबंधित पदार्थ मिले:
- 1. ओसियन ग्रीन/हाइड्रोपोनिक बीज गांजा – 1.0645 किलोग्राम
अंतरराष्ट्रीय कीमत: ₹1 करोड़ 06 लाख - 2. एमडीएमए पाउडर – 147 ग्राम
अंतरराष्ट्रीय कीमत: ₹16 लाख - 3. अन्य सामान – 5 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, ₹1500 नगद और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू
कैलिफ़ोर्निया से आता था गांजा, ₹7,500 में बिकती थी एक पुड़िया
पूछताछ में मुख्य सरगना जितेन्द्र उर्फ जीतू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।बरामद ओसियन ग्रीन गांजा असल में कैलिफ़ोर्निया से आता था। दिल्ली का सप्लायर ‘कुशाग्र’ थाईलैंड में बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। वह किसी एकांत जगह पर माल रखवा देता था, जहां से आरोपी पैसे ट्रांसफर कर खेप उठाते थे।
पुलिस के मुताबिक, इस ड्रग्स की सील पैक पुड़िया का वजन 3.5 ग्राम होता था, जिसे स्थानीय ग्राहकों और कॉलेज छात्रों को ₹7,500 में बेचा जाता था।
मां-बेटे मिलकर चला रहे थे नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी जितेन्द्र की मां नन्ही देवी पिछले 3-4 साल से वृंदावन क्षेत्र में गांजा और अन्य नशीले पदार्थ बेचने का काम कर रही थी। नन्ही देवी का दामाद सौरभ दिल्ली और हरियाणा से नशीले पदार्थ लाकर सप्लाई करता था।
कुछ समय पहले सड़क हादसे में सौरभ की मौत हो गई थी। इसके बाद जितेन्द्र और उसका छोटा भाई प्रेमकुमार अपनी मां के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संभालने लगे।
पकड़े गए आरोपी
- 1. जितेन्द्र प्रजापति उर्फ जीतू (25 वर्ष)
निवासी – मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृंदावन, मथुरा - 2. प्रेमकुमार प्रजापति (19 वर्ष)
निवासी – मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृंदावन, मथुरा - 3. नन्ही देवी
निवासी – मथुरा गेट पुलिस चौकी के सामने, वृंदावन, मथुरा - 4. बबलू शर्मा (19 वर्ष)
निवासी – मथुरा चौकी के सामने, वृंदावन, मथुरा
व्हाट्सऐप चैट और कॉल डिटेल से खुलेगा नेटवर्क
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राकेश के पर्यवेक्षण में यह पूरी कार्रवाई की गई। सिकन्दरा थाना पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।अब पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप चैट खंगाल रही है, ताकि थाईलैंड और दिल्ली में बैठे सप्लायर ‘कुशाग्र’ के साथ-साथ आगरा-मथुरा के स्थानीय पेडलर्स के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
