आवास विकास सेक्टर 12 में बड़ा हादसा;: पारस पल्स बिल्डिंग में करंट लगने से मजदूर की संदिग्ध मौत
थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के आवास विकास सेक्टर 12 स्थित ‘पारस पल्स’ बिल्डिंग में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां निर्माणाधीन साइट पर काम करने के दौरान एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अंदेशा जताया जा रहा है कि युवक की मौत लिफ्ट में करंट लगने के कारण हुई है। घटना के बाद कंस्ट्रक्शन साइट के मालिक और सुपरवाइजर मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सुपरवाइजर की जिद ने ली जान, खराब लिफ्ट में भेजा ऊपर
19 वर्षीय मृतक पर्वत सिंह के भाई बृजेंद्र, जो खुद उसी साइट पर मिस्त्री का काम करते हैं, ने रोते हुए लापरवाही की पूरी कहानी बयां की। बृजेंद्र के अनुसार:
“हम लोग नीचे लिफ्ट के पास प्लास्टर का काम कर रहे थे। मेरा भाई पर्बत और दो अन्य बेलदार वहां मौजूद थे। जब सुपरवाइजर पर्बत को अकेले लिफ्ट के जरिए ऊपर माल भेजने लगा, तो मैंने उसे साफ मना किया था। मैंने कहा था कि लिफ्ट खराब है, करंट का खतरा हो सकता है, इसलिए दो आदमियों को साथ भेजा जाए। लेकिन सुपरवाइजर ने मेरी एक न सुनी और जबरन उसे अकेले भेज दिया।”
10 मिनट तक लिफ्ट में ही लटका रहा शव
ऊपर जाने के बाद लिफ्ट में अचानक बिजली का फाल्ट हुआ और पर्बत करंट की चपेट में आ गया। लिफ्ट में अकेले होने के कारण करीब 5 से 10 मिनट तक किसी को भनक तक नहीं लगी। जब वहां मौजूद अन्य लोगों की नजर पड़ी, तो उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर नीचे काम कर रहे बृजेंद्र और अन्य मजदूर दौड़कर ऊपर पहुंचे और उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर सुनते ही अस्पताल से भागे मालिक
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद साइट का मालिक और उसका लड़का भी अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि पर्बत की मौत हो चुकी है, दोनों कानूनी कार्रवाई के डर से अस्पताल से चुपचाप फरार हो गए।
पुलिस जांच में जुटी, टीकमगढ़ का रहने वाला था मृतक
घटना की सूचना मिलते ही थाना जगदीशपुरा पुलिस मौके पर और अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक मजदूर पर्बत मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले का रहने वाला था, जो यहां मजदूरी करने आया था। घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
