केंद्रीय हिंदी संस्थान में नौकरी लगवाने के नाम पर विश्वविद्यालय कर्मचारी से 6 लाख की ठगी: प्रोफ़ेसर और उसकी पत्नी के नाम मुकदमा दर्ज
आगरा। नगर के थाना हरि पर्वत क्षेत्र में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। आगरा विश्वविद्यालय के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से केंद्रीय हिंदी संस्थान में बच्चों की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 6 लाख रुपये हड़प लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्रोफेसर और उनकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
झांसा देकर ऐंठे रुपये
आगरा विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेश चंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि करीब एक वर्ष पूर्व विश्वविद्यालय में तैनात एक प्रोफेसर ने उनसे संपर्क किया था। प्रोफेसर ने बाद में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा में अपनी नियुक्ति पा ली। आरोप है कि प्रोफेसर ने विभागीय रसूख और उच्च पद का हवाला देकर पीड़ित को झांसा दिया कि वह उसके बच्चों (हिमांशु शर्मा और विनीत सिंह) की नौकरी केंद्रीय हिंदी संस्थान में लगवा देंगे। इसके एवज में प्रति बच्चा 5 लाख रुपये की मांग की गई।
बैंक खातों और नकद के जरिए हुआ भुगतान
पीड़ित सुरेश चंद्र शर्मा ने प्रोफेसर पर भरोसा करके मार्च से मई 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन माध्यम से प्रोफेसर की पत्नी के बैंक खाते में कुल 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा 1 लाख रुपये की राशि प्रोफेसर को नकद सौंपी गई। इस तरह कुल 6 लाख रुपये आरोपी दंपत्ति ने पीड़ित से ले लिए।
तारीख पर तारीख और धमकी
पैसे लेने के बाद जब काफी समय बीत जाने पर भी नौकरी नहीं लगी, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। पीड़ित का कहना है कि वह यह रकम दूसरों से ब्याज पर उधार लेकर आया था, जिसके कारण उसे भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर उन्हें लगातार टाला जा रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस के आला अधिकारियों से गुहार लगाई थी, जिसके बाद अब थाना हरि पर्वत में आरोपी प्रोफेसर हरबंश सिंह सोलंकी और उनकी पत्नी विमला सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने का मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
