नामी अख़बार का लोगो-नाम इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर फर्जी खबर फैलाने वाले अज्ञात जालसाजों पर मुकदमा दर्ज:
आगरा के साइबर क्राइम थाने में अख़बार के यूनिट हेड ने दर्ज कराई शिकायत;
फेसबुक पर फर्जी न्यूज क्लिपिंग और भ्रामक प्रचार प्रसारित करने का मामला आया सामने।
आगरा। आगरा कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस थाने में एक प्रतिष्ठित और नामी समाचार पत्र के नाम, लोगो और ब्रांड पहचान का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी व भ्रामक खबरें फैलाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। उक्त नामी अख़बार लिमिटेड, आगरा के यूनिट हेड दुष्यंत पाराशर की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, कुछ अज्ञात शरारती तत्वों और जालसाजों द्वारा नामी अख़बार की साख और विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर एक नकली न्यूज क्लिपिंग तैयार कर वायरल की जा रही थी।
इस फर्जी न्यूज क्लिपिंग में अख़बार के आधिकारिक लोगो और लेआउट का अवैध रूप से इस्तेमाल करते हुए “खेरेगढ़ में मिल रहा हर घर पानी” शीर्षक से एक मनगढ़ंत और झूठी खबर प्रकाशित की गई थी। इस फर्जी खबर के जरिए सरकारी योजनाओं और जनप्रतिनिधियों के संबंध में भ्रामक और असत्य दावे कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई।
फेसबुक पेज भी जांच के घेरे में
शिकायतकर्ता दुष्यंत पाराशर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि इस दुर्भावनापूर्ण कृत्य के अलावा, 22 मई को ‘पंकज गौतम’ नामक एक फेसबुक अकाउंट/पेज से एक संदिग्ध लिंक भी साझा किया गया था। इस पोस्ट में “आगरा उत्तर प्रदेश के पंकज गौतम प्रॉपर्टी के क्षेत्र में मचा रहे हैं धमाल, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर छाए हुए हैं” जैसी भ्रामक और प्रचारात्मक सामग्री प्रसारित की गई, जो प्रथम दृष्टया सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया कृत्रिम प्रचार प्रतीत होता है।
संस्थान ने दी सफाई: हमारा कोई लेना-देना नहीं
अख़बार प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस तरह की किसी भी सामग्री या खबर का प्रकाशन संस्थान द्वारा नहीं किया गया है और न ही इसे उनके किसी आधिकारिक डिजिटल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया है। यह पूरी तरह से कूटरचित सामग्री है, जिसका उद्देश्य केवल आम जनता में भ्रम फैलाना और समाचार पत्र की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाना है।
पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई
साइबर क्राइम थाना आगरा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है।
पुलिस संबंधित फेसबुक लिंक्स, यूआरएल और इन फर्जी खबरों को जनरेट व प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स के आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फेसबुक से संपर्क कर उक्त भ्रामक कंटेंट को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
