फव्वारा दवा मार्केट में लाखों की दवाओं का भंडाफोड़,: सेम्पल माफिया सुमित माधवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
आगरा। शहर के प्रमुख दवा कारोबार केंद्र फव्वारा दवा मार्केट में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में फिजिशियन सैंपल दवाओं का भंडारण पकड़ा है। जांच के दौरान हुए खुलासे के बाद सुमित माधवानी पुत्र इन्द्र कुमार माधवानी के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बरामद दवाओं की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
लखनऊ से गठित विशेष टीम ने शनिवार को फव्वारा दवा मार्केट स्थित जैन कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर दुकान संख्या-4 तथा खिन्नी गली स्थित एक अन्य परिसर में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों स्थानों से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं बरामद हुईं जिन पर “नॉट फॉर सेल” अंकित था। ये दवाएं सामान्य रूप से चिकित्सकों को निशुल्क वितरण के लिए दी जाती हैं और इनकी बिक्री प्रतिबंधित होती है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दोनों परिसरों के स्वामियों से पूछताछ की। भवन स्वामियों ने लिखित रूप से विभाग को बताया कि संबंधित परिसर सुमित माधवानी को किराये पर दिए गए थे। इसके बाद जांच का केंद्र सुमित माधवानी पर आ गया। विभाग का आरोप है कि इन परिसरों में बड़ी मात्रा में फिजिशियन सैंपल दवाओं का भंडारण किया गया था और उन्हें बाजार में बेचकर लाभ कमाया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, जिन स्थानों पर दवाएं मिलीं वहां कोई वैध औषधि लाइसेंस अथवा पंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठान संचालित नहीं पाया गया। विभिन्न नामी दवा कंपनियों के सैंपल एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में मिलने से विभाग को संगठित नेटवर्क की आशंका भी है। इसी कारण बरामद दवाओं की गुणवत्ता और स्रोत की भी जांच कराई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया। शेष दवाओं को सील कर कब्जे में लिया गया तथा संबंधित परिसरों को भी सील कर दिया गया है।
ड्रग विभाग की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने सुमित माधवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस और ड्रग विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से लाई गई थीं और इनके वितरण व बिक्री में कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
