पैकिंग करते युवक को एफएसडीए ने पकड़ा, अलग-अलग दवाओं की बड़ी खेप बरामद; जांच के लिए दूसरे जिलों से भी पहुंचीं टीमें
आगरा। दवाओं के कारोबार का शहर, अब संदिग्ध दवाओं के नेटवर्क की परतें भी खोल रहा है। मंगलवार सुबह धनोली के एक रिहायशी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एफएसडीए की टीम ने एक कमरे में छापा मारा। अंदर का नजारा देखकर टीम भी चौंक गई। कमरे में बड़ी मात्रा में दवाओं की पैकिंग की जा रही थी और देखते ही देखते करीब दो करोड़ रुपये से अधिक कीमत का दवा स्टॉक जांच के घेरे में आ गया।
सूचना पर पहुंची टीम, कमरे में चल रही थी पैकिंग
धनोली में तीन छतरी के समीप रिहायशी क्षेत्र में एक कमरे में बड़ी मात्रा में दवाएं रखे जाने की सूचना एफएसडीए को मिली थी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे टीम मौके पर पहुंची और कमरे की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान एक युवक दवाओं की पैकिंग करता मिला। टीम ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया। कमरे की जांच आगे बढ़ी तो वहां दवाओं की बड़ी खेप सामने आई। विभाग के मुताबिक बरामद स्टॉक की अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से ज्यादा है।

कई तरह की दवाओं की पेटियां मिलीं
कार्रवाई के दौरान केटोरोल, कोडेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लॉसर-एच और जुलर समेत विभिन्न दवाओं की पेटियां मिली हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं एक रिहायशी कमरे में मिलने के बाद विभाग ने पूरे स्टॉक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
अब टीम दवाओं के स्रोत, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, भंडारण और पैकिंग से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। यह भी देखा जा रहा है कि बरामद दवाएं किस फर्म या व्यक्ति से जुड़ी हैं और इनकी सप्लाई कहां की जानी थी।

दूसरे जिलों से भी पहुंचीं टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ स्थित विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद फिरोजाबाद और हाथरस से भी औषधि विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस और ड्रग विभाग के अधिकारी हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ कर रहे हैं।

फिलहाल विभाग ने बरामद दवाओं और मौके से मिले दस्तावेजों को जांच में शामिल कर लिया है। दवाओं की वास्तविक स्थिति, पैकिंग की वैधता और पूरे नेटवर्क की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
