चांदी की थाल में प्रभु श्रीराम का सत्कार, भजनों से गूंजा भावना एस्टेट रोड; 35 सदस्यीय रॉयल सिम्फनी बैंड ने बांधा भक्ति का समां

आगरा।
“रामहि जेहि जनकु बढ़हारा, प्रेम सहित परसे व्यंजन न्यारा…”
इन पंक्तियों का भाव गुरुवार को जनकपुरी महोत्सव में उस समय साकार होता दिखाई दिया, जब भावना एस्टेट रोड पर सजी बढ़हार की दावत में पूरा वातावरण मानो मिथिला की पावन धरती में बदल गया। कहीं प्रभु श्रीराम के जयकारे गूंज रहे थे, कहीं भजनों की स्वर लहरियां वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं और कहीं चांदी की थाल में परोसे जा रहे व्यंजन जनक परिवार की आत्मीयता की कहानी कह रहे थे।

श्री रामलीला महोत्सव-2026 के अंतर्गत जनकपुरी महोत्सव में राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल की ओर से प्रभु श्रीराम के सम्मान में पारंपरिक ‘बढ़हार की दावत’ का आयोजन किया गया। यह केवल ज्यौनार नहीं थी, बल्कि उस सनातन परंपरा की झलक थी, जिसमें बेटी सीता के वर का स्वागत केवल दामाद के रूप में नहीं, बल्कि स्वयं आराध्य के रूप में किया जाता है।

राम के स्वागत में सजी ऐसी ज्यौनार, जैसे उतर आई हो मिथिला

भावना एस्टेट रोड पर भव्य रूप से सजे परिसर में कदम रखते ही श्रद्धा और उल्लास का वातावरण महसूस हो रहा था। राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना लता गोयल ने सर्वप्रथम राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल और रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल का आत्मीय स्वागत किया।

इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता सहित सभी स्वरूपों की विधि-विधान से आरती उतारी गई। वातावरण में गूंजते जयकारों के बीच ऐसा प्रतीत हुआ मानो जनकपुर स्वयं आगरा की धरती पर उतर आया हो।

जनक परिवार की ओर से प्रभु श्रीराम सहित सभी स्वरूपों को चांदी की थाल में विविध व्यंजन परोसे गए। ज्यौनार में व्यंजनों की विविधता के साथ सबसे खास रही वह भावना, जिसमें मेजबानी से अधिक श्रद्धा और सत्कार से अधिक समर्पण दिखाई दिया।

जब राम आए तो 35 सुरों ने बांधी भक्ति की डोर

बढ़हार की दावत के दौरान इंडिया गॉट टैलेंट फेम छत्तीसगढ़ के 35 सदस्यीय रॉयल सिम्फनी बैंड ने अपनी विशेष प्रस्तुतियों से समारोह में चार चांद लगा दिए। पूर्व और पश्चिमी संगीत के अनूठे समावेश के साथ रामधुनों और भजनों की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया।

मधुर संगीत के बीच जब रामनाम का संकीर्तन गूंजा तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कहीं लोग भजनों पर झूमते दिखाई दिए तो कहीं ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।

संगीत, भक्ति और ज्यौनार का यह संगम ऐसा था कि भावना एस्टेट रोड कुछ घंटों के लिए आधुनिक शहर नहीं, बल्कि त्रेता युग की मिथिला नगरी का सजीव स्वरूप नजर आने लगी।

दावत में दिखा दामाद नहीं, भगवान के रूप में राम का सत्कार

मिथिला की परंपरा में बढ़हार केवल भोजन का आयोजन नहीं, बल्कि रिश्तों की आत्मीयता का उत्सव है। बेटी सीता के विवाह के बाद उनके वर श्रीराम के सम्मान में जनक परिवार द्वारा किया गया यह सत्कार उसी परंपरा को आगे बढ़ाता नजर आया।

राजा जनक परिवार की ओर से जिस श्रद्धा के साथ प्रभु श्रीराम को भोजन कराया गया, उसने आयोजन को भावुक स्पर्श दे दिया। थाल में परोसे गए व्यंजन भले ही अनेक थे, लेकिन पूरे आयोजन में सबसे गहरा स्वाद श्रद्धा, प्रेम और अपनत्व का दिखाई दिया।

जनकपुरी की ज्यौनार में उमड़ा शहर

बढ़हार की दावत में शहर के वरिष्ठ समाजसेवी, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और राजनेताओं सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन शामिल हुए।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, एमएलसी विजय शिवहरे, पूर्व सांसद राज बब्बर, जितेंद्र चौहान सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।

राजा जनक परिवार की ओर से शोभिक गोयल, स्मृति गोयल, मोहित गोयल, रिनी गोयल, अनुप्रिया, खुश, अवंतिका, वेदा सहित परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

राजा दशरथ परिवार की ओर से रजत सिंघल, निमिषा सिंघल, आयुषी गर्ग और कृष्ण गर्ग ने सहभागिता की।

रामलीला कमेटी और जनकपुरी आयोजन समिति की रही सक्रिय सहभागिता

श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, विजय प्रकाश गोयल, रामकिशन अग्रवाल, भगवान दास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, टीएन अग्रवाल, मुकेश जौहरी, प्रवीण गर्ग, विनोद जौहरी, संजय तिवारी, प्रवीण स्वरूप, अंजुल बंसल, राहुल गौतम, अशोक राठी, मनोज पाली, विजय कुमार गोयल, गिरधर शर्मा, रमांशु, प्रकाश अग्रवाल, राहुल शर्मा, विजय रामाशीष, संजय अग्रवाल, ऋषि गोयल, लखन गर्ग, नितिन अग्रवाल, विकास अग्रवाल, शैलेंद्र, तपिश, निक्की गोयल, राम अभिषेक शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के साथ संतोष कटारा, मनोज बंसल, संजय गोयल, अरविंद शर्मा, अजय गर्ग अवागढ़, नरेंद्र सिंह, अशोक गुप्ता, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानिया, आकाश ग्वाला, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, सतीश ठाकुर, रोहन गुप्ता, अनुज भारद्वाज, पंकज पाठक, हेमंत जादौन, भोले चौहान, धीरज शर्मा, धीरज मंगल, रामबली यादव, राणा सुशील सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

महिला समिति की ओर से अमृता पोरवाल, शिखा, रुचि, सूची, सीमा, शालिनी और शीतल ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन दीपक जैन ने किया।

व्यंजन बहुत थे, लेकिन सबसे खास था प्रेम

जनकपुरी की इस बढ़हार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि परंपराएं केवल निभाई नहीं जातीं, उन्हें भावनाओं से जीवंत किया जाता है। चांदी की थाल में सजे व्यंजन, भजनों की मधुर धुन, रामनाम के जयघोष और जनक परिवार का आत्मीय सत्कार—इन सबने मिलकर बढ़हार की दावत को यादगार बना दिया।

ऐसा लगा मानो राजा जनक ने अपनी बेटी सीता के वर प्रभु श्रीराम के स्वागत के लिए मिथिला के द्वार ही नहीं, बल्कि अपना पूरा हृदय खोल दिया हो।

जनकपुरी में सजी इस ज्यौनार में भोजन तो एक बहाना था, असली उत्सव था राम के प्रति श्रद्धा, सीता के प्रति स्नेह और मिथिला की उस अतिथि-सत्कार परंपरा का, जिसमें अतिथि के रूप में आए राम को भगवान का दर्जा दिया जाता है।

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