आतंकवादियों से संबंध होने का आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का बनाया दबाव, एफडी-आरडी जब्त होने की धमकी देकर चार खातों में ट्रांसफर कराई रकम

आगरा। पहले आतंकवादियों से संबंध होने का डर दिखाया, फिर गिरफ्तारी और परिवार को जांच के घेरे में लेने की धमकी दी। खुद को एटीएस अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने कथित तौर पर सिकंदरा क्षेत्र के एक बुजुर्ग को इस कदर डराया कि उनकी जमा-पूंजी पर ही संकट आ गया। आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर विनोद कुमार श्रीवास्तव से 72 लाख 74 हजार 900 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित के मुताबिक, ठगी का सिलसिला कई सप्ताह तक चला और उन्हें इसकी भनक तब तक नहीं लगी कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं।

आधार कार्ड से आतंकियों का खाता खुलने की कही बात

पीड़ित ने बताया कि 21 अगस्त को उनके पास फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस से जुड़ा बताया और दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर आतंकवादियों ने आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवाया है। उस खाते में साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा होने की बात कहकर उन्हें डराया गया। इसके बाद कथित ठगों ने जांच का हवाला देते हुए दबाव बढ़ाया और परिवार को भी जांच के दायरे में लाने की धमकी दी।

पीड़ित के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि उनके बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) फ्रीज किए जा सकते हैं। कार्रवाई के डर से वह आरोपियों की बातों में आते चले गए। कथित तौर पर जांच के नाम पर उनसे अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।

चार खातों में पहुंचाए 72.74 लाख रुपये

पीड़ित ने बताया कि 27 अगस्त से 18 सितंबर के बीच कुल 72 लाख 74 हजार 900 रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए। इनमें मित्तल ट्रेडिंग के खाते में 22.80 लाख रुपये, ऑटोटेक एंटरप्राइजेज में 3.51 लाख रुपये, अर्बन कबाड़ सॉल्यूशंस एलएलपी में 30.40 लाख रुपये और कैफे बक्स के खाते में 16.03 लाख रुपये भेजे गए।

बेटे को बताई घटना, पुलिस से की शिकायत

पीड़ित ने बताया कि बाद में उन्होंने अपने बेटे को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत की गई। मामले में शुक्रवार को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन और कथित आरोपियों की पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

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