26 कट्टों में मिलीं दवाएं, दो नामजद समेत तीन के खिलाफ कार्रवाई; बैच नंबर के मिलान से बढ़ा शक
आगरा। आगरा में दवाओं के संदिग्ध कारोबार का मामला सामने आने के बाद औषधि विभाग की जांच का दायरा बढ़ गया है। ट्रांस यमुना क्षेत्र के इस्लाम नगर में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गईं दवाएं मिलने से हलचल मच गई। बरामद दवाओं के बैच नंबर का मिलान मलपुरा में 29 सितंबर को हुई कार्रवाई के दौरान मिली दवाओं से किया गया तो दोनों जगह बैच नंबर एक जैसे पाए गए। इससे दोनों मामलों के बीच संबंध होने की आशंका गहरा गई है।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम
8 अक्टूबर को मिली सूचना के बाद औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा की टीम पुलिस के साथ इस्लाम नगर पहुंची। यहां तलाशी के दौरान झाड़ियों में दवाओं के कार्टन मिले। बरामद दवाओं को 26 प्लास्टिक कट्टों में भरकर सील किया गया। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि दवाएं यहां किसने और किस मकसद से छिपाकर रखी थीं।
मलपुरा में मिली दवाओं से जुड़ा कनेक्शन
इस मामले में सबसे अहम बात दोनों स्थानों पर मिली दवाओं के बैच नंबर का एक जैसा होना है। मलपुरा में 29 सितंबर को हुई कार्रवाई के दौरान मिली दवाओं और इस्लाम नगर से बरामद दवाओं के बैच नंबर का मिलान किया गया। दोनों का मिलान होने के बाद दवाओं की सप्लाई और भंडारण से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है।
13 प्रकार की दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए
औषधि विभाग ने बरामद दवाओं में से 13 प्रकार के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। विभाग को आशंका है कि दवाएं नकली या गुणवत्ता मानकों के विपरीत हो सकती हैं। हालांकि, दवाओं की वास्तविक गुणवत्ता और उनमें मिलावट की पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
जाकिर और शाकिर समेत तीन के नाम सामने आए
इस मामले में जाकिर, शाकिर और एक अज्ञात व्यक्ति के नाम सामने आए हैं। अब जांच में दवाओं के स्रोत, उनकी सप्लाई और मलपुरा में हुई कार्रवाई से संभावित संबंध की पड़ताल की जाएगी।
जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक ही बैच की दवाएं दो अलग-अलग स्थानों पर कैसे मिलीं और इनके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है।
