पत्नी के लाइसेंस वाले मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था कारोबार,: आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सरकारी दवाओं की कालाबाजारी का खुलासा, घर और मेडिकल स्टोर पर छापा; बड़ी मात्रा में इंजेक्शन व दवाएं बरामद
आगरा। शहर के न्यू आगरा क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों के लिए निर्धारित दवाओं की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को पुलिस के साथ दयालबाग क्षेत्र में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में सरकारी आपूर्ति की दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए। मामले में दयालबाग निवासी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि फाउण्टेन क्षेत्र स्थित मेसर्स ब्राइट फार्मा की आड़ में सरकारी दवाओं को अवैध रूप से बाजार में बेचा जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर फिरोजाबाद के औषधि निरीक्षक देश बंधु विमल और जालौन की औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की संयुक्त टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब 3:20 बजे पुलिस बल के साथ राहुल विहार, दयालबाग स्थित मनीष पंजवानी के घर पर छापेमारी की।
जांच के दौरान घर के एक कमरे में बड़ी मात्रा में दवाएं और इंजेक्शन रखे मिले। इनमें एंटी-डी और इंसुलिन समेत कई ऐसी दवाएं शामिल थीं, जिन पर स्पष्ट रूप से ‘Government Supply, Not For Sale’ अंकित था। अधिकारियों का आरोप है कि इन दवाओं पर लिखे सरकारी चिन्हों को मार्कर से ढंककर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
छापेमारी के दौरान टीम ने दवाओं से संबंधित बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेख मांगे, लेकिन आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ जीवनरक्षक दवाएं और इंसुलिन इंजेक्शन बिना आवश्यक कोल्ड चेन व्यवस्था के सामान्य तापमान पर रखे गए थे, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
जांच के दौरान आरोपी की पत्नी रितिका पंजवानी, जिनके नाम पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस है, ने लिखित रूप से बताया कि मेडिकल स्टोर और उससे संबंधित गतिविधियों का संचालन उनके पति मनीष पंजवानी द्वारा किया जाता है। इसके बाद टीम आरोपी को साथ लेकर फाउण्टेन स्थित ब्राइट फार्मा पहुंची। दुकान का ताला खुलवाकर की गई जांच में विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिलीं। इनमें से पांच संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं।
औषधि विभाग का कहना है कि बरामद दवाओं की वैधता, गुणवत्ता और स्रोत की जांच की जा रही है। सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दवाएं मानकों के अनुरूप हैं या नहीं तथा वे सरकारी आपूर्ति श्रृंखला से किस प्रकार बाहर आईं।
न्यू आगरा पुलिस ने औषधि निरीक्षक देश बंधु विमल की तहरीर पर आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस और औषधि विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा सरकारी दवाओं की आपूर्ति कहां से हो रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर के दवा कारोबार से जुड़े लोगों में चर्चा का माहौल है और विभाग ने निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
