आगरा: डीईआई छात्रा से यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म व तेजाब हमले की धमकी के आरोपी निलंबित फायरमैन का कोर्ट में ‘कॉकरोच ड्रामा’
आगरा। दयालबाग शैक्षिक संस्थान (डीईआई) की एक छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म की धमकी, तेजाब फेंकने की धमकी और लगातार प्रताड़ित किए जाने के आरोपों का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश फायर सर्विस के निलंबित फायरमैन जितेंद्र सिंह राठौर ने सोमवार को आगरा दीवानी न्यायालय परिसर में कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर अनोखा प्रदर्शन किया। अदालत परिसर में रेंगते हुए पहुंचे राठौर ने खुद को निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग की, लेकिन उसके खिलाफ दर्ज गंभीर आरोपों और पुराने विवादों ने इस प्रदर्शन को चर्चा का विषय बना दिया।
वैदिक गणित पढ़ाने के दौरान शुरू हुआ विवाद
न्यू आगरा थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार डीईआई की एक बीएससी छात्रा ने आरोप लगाया है कि कॉलेज की एक शिक्षिका के अवकाश पर जाने के दौरान जितेंद्र राठौर को कुछ समय के लिए वैदिक गणित पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। छात्रा का आरोप है कि इसी दौरान राठौर ने छात्रों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और बाद में व्हाट्सएप तथा टेलीग्राम के माध्यम से आपत्तिजनक और अश्लील संदेश भेजने शुरू कर दिए।
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी लगातार छात्रा को परेशान करता रहा, अशोभनीय टिप्पणियां करता था और विरोध करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे जान से मारने, दुष्कर्म करने और तेजाब फेंकने तक की धमकी दी।
शिकायत के बाद संस्थान से हुआ निष्कासन
छात्रा के अनुसार आरोपी की हरकतों से परेशान होकर कई छात्र-छात्राओं ने डीईआई प्रशासन से शिकायत की थी। मामले की जांच के बाद 19 अक्टूबर 2022 को जितेंद्र राठौर को संस्थान से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद भी आरोपी कथित रूप से शिकायत वापस लेने का दबाव बनाता रहा और छात्रा व उसके परिवार को परेशान करता रहा।
पिता को फंसाने का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने छात्रा के पिता को पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में फंसाने का प्रयास किया। छात्रा का कहना है कि एसटीएफ ने उसके पिता से पूछताछ की, लेकिन जांच में वे निर्दोष पाए गए। शिकायत में दावा किया गया है कि गलत सूचना देने की बात सामने आने के बावजूद आरोपी के खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़िता ने यहां तक कहा है कि यदि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर हो सकती है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
कोर्ट में कॉकरोच बनकर पहुंचा आरोपी
सोमवार को इस मामले में पीड़िता की गवाही प्रस्तावित थी, लेकिन उसके अदालत में उपस्थित न होने पर जितेंद्र राठौर कॉकरोच की पोशाक पहनकर दीवानी न्यायालय पहुंच गया। उसने अदालत परिसर में रेंगते हुए प्रदर्शन किया और दावा किया कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है।
राठौर ने स्वयं को नकल माफिया और भ्रष्ट तंत्र का शिकार बताते हुए न्याय की मांग की। उसने कथित तौर पर अपने “कॉकरोच कोचिंग सेंटर” और “कॉकरोच जनता पार्टी” का भी जिक्र किया तथा उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की।
सोशल मीडिया पर भी विवादों में रहा आरोपी
जानकारी के अनुसार जितेंद्र राठौर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लगातार सक्रिय रहा है। उस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी राजीव कृष्ण तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ वीडियो पोस्ट करने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप भी लगते रहे हैं। कई वीडियो में उसने स्वयं को पीड़ित बताते हुए अधिकारियों और व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गंभीर आरोपों के बीच उठे सवाल
कोर्ट परिसर में कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर प्रदर्शन करने की घटना ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा, लेकिन दूसरी ओर छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म की धमकी और तेजाब हमले जैसी गंभीर शिकायतें भी चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह प्रदर्शन सहानुभूति हासिल करने का प्रयास था या फिर न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव बनाने की कोशिश।
