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दवा बाजार में सनसनी: ज्योति ड्रग हाउस के अवैध गोदाम पर छापा,: भारी मात्रा में ‘नॉट फॉर सेल’ फिजिशियन सैंपल बरामद

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दवा बाजार में सनसनी: ज्योति ड्रग हाउस के अवैध गोदाम पर छापा, भारी मात्रा में ‘नॉट फॉर सेल’ फिजिशियन सैंपल बरामद
आगरा।खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की लखनऊ मुख्यालय द्वारा गठित विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर आगरा के फाउन्टेन इलाके में एक बहुत बड़े दवा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। झुलेलाल मार्केट स्थित ‘मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस’ के एक बिना लाइसेंस वाले अवैध गोदाम पर छापेमारी कर टीम ने भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयों के फिजिशियन सैंपल (Physician Sample, Not for Sale) बरामद किए हैं।
इस मामले में औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) नवनीत कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने फर्म के मालिक नारायण दास हँसराजनी और उसके कर्मचारी किशोर मेहता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाकर हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर नवनीत कुमार को एक मुखबिर से गोपनीय सूचना मिली थी कि ज्योति ड्रग हाउस का संचालक अपने कर्मचारी के माध्यम से तीसरी मंजिल पर बने एक गुप्त गोदाम में अवैध रूप से भारी मात्रा में फिजिशियन सैंपल जमा करके रखता है। इन सैंपल्स को कथित तौर पर ग्रामीण इलाकों के झोलाछाप डॉक्टरों को महंगे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा था।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, लखनऊ द्वारा एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया। इस टीम में आगरा, मेरठ, अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, रामपुर और बाराबंकी सहित कई जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को शामिल किया गया था。
मकान मालिक की सहमति से तोड़ा गया ताला
जब संयुक्त टीम प्रथम तल पर स्थित ‘मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस’ की दुकान पर पहुंची तो वह बंद मिली। इसके बाद टीम ने बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर स्थित गोदाम का रुख किया, जहाँ ताला लटका हुआ था। ड्रग विभाग की टीम ने जब संचालक नारायण दास से फोन पर संपर्क किया, तो उसने आधे घंटे में आने की बात कही, लेकिन वह फोन बंद करके फरार हो गया।
इसके बाद टीम ने परिसर के बुजुर्ग मालिकों (करीब 70 वर्षीय दंपत्ति) से पूछताछ की। मकान मालिक ने बताया कि उन्होंने यह जगह ज्योति ड्रग हाउस के कर्मचारी किशोर मेहता को किराए पर दी है। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करते हुए टीम को ताला तोड़ने की लिखित सहमति दी

अजीब परिस्थितियों में रखी थीं दवाइयां, नकली होने की भी आशंका
स्थानीय पुलिस और ए.सी.पी. कोतवाली की मौजूदगी में जब गोदाम का ताला खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। गोदाम के भीतर अत्यधिक तापमान और बेहद अनहाइजीनिक (अस्वच्छ) परिस्थितियों में दवाइयाँ ठूंस-ठूंस कर भरी गई थीं। ड्रग इंस्पेक्टरों के अनुसार, इतनी खराब स्थिति में रखे होने के कारण दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने और उनके खराब होने की पूरी संभावना थी, जो मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी।
जांच टीम ने संदेह जताया है कि मेडिकल स्टोर की आड़ में नामी कंपनियों के रैपर का इस्तेमाल कर नकली दवाइयां खपाने का खेल भी चल रहा था।

30 बोरों में सील की गईं दवाइयां, 10 संदिग्ध सैंपल लैब भेजे
दवाइयों की मात्रा इतनी अधिक थी कि पहले दिन रात 12 बजे तक चली कार्रवाई के बाद गोदाम को पुलिस की सुरक्षा में छोड़ना पड़ा। अगले दिन सुबह दोबारा शुरू हुई कार्रवाई में टीम ने कुल 256 प्रकार की दवाओं को जब्त किया, जिन्हें 68 कार्टन में भरकर कुल 30 प्लास्टिक के बोरों में सुरक्षित (सील) किया गया। संदिग्ध दवाओं में से 10 अलग-अलग प्रकार की दवाओं के नमूने (सैंपल्स) लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भेजे जा रहे हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली पुलिस ने ड्रग इंस्पेक्टर नवनीत कुमार की शिकायत पर आरोपी नारायण दास हँसराजनी और किशोर मेहता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 319, 276, 277 और 278 के तहत मामला दर्ज किया है। ड्रग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लैब से रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में अलग से भी परिवाद (केस) दाखिल किया जाएगा।

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