जिन्होंने 2 दिन पहले बंदी का समर्थन किया, वही दवा दुकाने छापेमारी में बंद और गायब: आगरा का दवा बाजार एक बार फिर से सवालों के घेरे मे
आगरा का दवा मार्केट इस बार फिर जांच और छापेमारी की चपेट में है। पिछले तीन दिनों से 28 ड्रग इंस्पेक्टर अपने उच्च अधिकारियों के निर्देशन में फुव्वारा स्थित अलग-अलग दवा दुकानों में छापेमारी कर रहे हैं। अब तक युग, आर एम डी और शारदा की दुकानों को सील किया जा चुका है, वहीं ब्रज वासी और दक्ष जैसी दुकानों पर भी जांच जारी है।
टीम के पास यह सूचना मिली थी कि अस्पतालों में सप्लाई होने वाली औषधियों को रिटेल और होलसेल मार्केट में बेचा जा रहा है। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 28 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम आगरा और कानपुर में छापेमारी कर रही है, जिसका नेतृत्व असीसटेंट ड्रग कमिश्नर अतुल उपाध्याय कर रहे हैं। आगरा में पूर्व ड्रग इंस्पेक्टर और अब मुख्यालय में तैनात बृजेश यादव भी इस टीम का अहम हिस्सा हैं।
शुक्रवार शाम टीम को झूलेलाल मार्केट में तीसरी मंजिल पर सैंपल की औषधियों का बड़ा जखीरा होने की सूचना मिली। टीम ने मौके पर पहुंचकर एक दुकान से सैंपल बरामद किया और जानकारी जुटा रही है कि यह माल आखिरकार किसका है।
नकली नशीली औषधियों और ऑनलाइन औषधि बिक्री के खिलाफ 20 मई को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। आगरा के जिन होलसेलर दुकानदारों ने इस बंदी का समर्थन किया था, वे हड़ताल के दौरान अपनी दुकानों को बंद करके गायब दिखाई दिए। पूरे दवा मार्केट में हल्ला मचा हुआ है कि जिन दुकानों ने दो दिन पहले बंदी का समर्थन किया था, वही आज छापेमारी के समय बंद दिखाई दीं।
औषधि विभाग की टीम की छापेमारी मुबारक महल, बोहरे मार्केट, झूलेलाल मार्केट और अन्य स्थानों पर लगातार जारी है।
