आगरा।उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की मुख्यालय लखनऊ द्वारा गठित विशेष संयुक्त टीम ने आगरा के कोतवाली थाना क्षेत्र के फाउन्टेन स्थित झूलेलाल मार्केट में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. टीम ने मार्केट के तीसरे तल पर चल रहे ‘मेसर्स ज्योति ड्रग हाउस’ के एक अवैध गोदाम पर छापा मारकर भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाएं, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की अवैध दवाएं बरामद की हैं.
इस मामले में औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार की तहरीर पर गोदाम संचालक नारायण दास हँसराजानी और उसके कर्मचारी पुनीत कटार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है
गुप्त सूचना पर 14 जिलों की संयुक्त टीम ने मारा छापा
औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर आगरा, मेरठ, अलीगढ़, चित्रकूट, उन्नाव, जौनपुर, वाराणसी, रामपुर, प्रयागराज, बाराबंकी, अमरोहा, कौशंबी और हरदोई के औषधि निरीक्षकों की एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया था. टीम ने जब २२ और २३ मई को झूलेलाल मार्केट के प्रथम तल पर स्थित ज्योति ड्रग हाउस की दुकान और उसके बाद तीसरे तल पर स्थित एक ताला बंद गोदाम की जांच की, तो इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ.
कोल्ड चेन टूटने से जीवन रक्षक दवाएं बनीं ‘जहर’
गोदाम को जब परिसर की मालकिन सुश्री मोहिनी हिरानी की उपस्थिति में खोला गया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए. गोदाम के भीतर अत्यधिक तापमान और बेहद अस्वच्छ (अनहाइजेनिक) परिस्थितियों में इंसुलिन इंजेक्शन और रैबीज वैक्सीन जैसी बेहद संवेदनशील जीवन रक्षक दवाएं रखी हुई थीं. अत्यधिक गर्मी के कारण इन दवाओं की **कोल्ड चेन पूरी तरह टूट चुकी थी**, जिससे इनकी गुणवत्ता प्रभावित होने और आम जनता, बीमार बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित होने की प्रबल आशंका है.
37 बोरे दवाएं सील, नकली होने की आशंका
जांच टीम को मौके पर कोई भी वैध औषधि लाइसेंस, खरीद-बिक्री या वितरण से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले. बरामद की गई दवाओं में भारी मात्रा में:
Physician Sample (Not for Sale)
ESI Supply
Government Supply
Defence Supply
अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल स्टोर की आड़ में नामी कंपनियों के फिजिशियन सैंपल्स और सरकारी दवाओं को अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचकर अनुचित धन कमाया जा रहा था. दवाओं के नकली होने की भी प्रबल संभावना है. टीम ने बरामद दवाओं में से 10 संदिग्ध प्रकार की दवाओं के नमूने जांच के लिए सरकारी लैब भेजे हैं. बाकी बची सभी दवाओं को 37 बड़े प्लास्टिक के बोरों में भरकर सील कर दिया गया है. इसके साथ ही ज्योति ड्रग हाउस के मुख्य मेडिकल स्टोर को भी अग्रिम आदेशों तक सील कर दिया गया है.
अधिकारी का बयान:
“बिना किसी लाइसेंस के इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित और सरकारी दवाओं का भंडारण पूरी तरह अवैध है। लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में भी परिवाद दाखिल किया जाएगा। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” — नवनीत कुमार, औषधि निरीक्षक, आगरा
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है.
